नक्सलियों ने 2 ग्रामीणों को फांसी पर लटकाया, भाजपा को भगाने की दी चेतावनी, कहां: पुलिस मुखबिर मत बनो, छात्र को दी हिदायत, पढ़िए पूरी खबर……

बीजापुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले में नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के आरोप में दो ग्रामीणों को मौत की सजा दी। इस जघन्य वारदात में नक्सलियों ने दोनों को पेड़ पर फांसी पर लटकाया और उनके शवों के साथ एक पर्चा चिपकाया। पर्चे में भाजपा को देश से भगाने की धमकी के साथ ग्रामीणों को मुखबिरी से बचने की सलाह दी गई है। पर्चे में लिखा गया कि मृतक ग्रामीण, माड़वी सूजा और पोडियाम कोसा, कई सालों से पुलिस की मुखबिरी कर रहे थे, जिसके चलते उन्हें मौत के घाट उतारा गया। पर्चे में गांववासियों को धमकी दी गई है कि वे पुलिस का मुखबिर बनने से बचें और भाजपा के खिलाफ संघर्ष में शामिल हों। 3 सितंबर को नक्सलियों ने जप्पेमरका गांव के ग्रामीण माड़वी सूजा और पोडियाम कोसा का अपहरण कर लिया था। इसके अलावा मिरतुर के छात्रावास में रह रहे एक छात्र को भी नक्सलियों ने अगवा किया था। तीनों को जप्पेमरका के जंगल में ले जाकर जन अदालत में पेश किया गया। जन अदालत में सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे। माड़वी सूजा और पोडियाम कोसा को सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया, जबकि छात्र को मुखबिरी न करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। नक्सलियों ने इस वारदात की तस्वीर गुरुवार को जारी की और परिजनों तथा ग्रामीणों को पुलिस को सूचना देने पर गंभीर परिणामों की धमकी दी है। पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

