सीपत रोड पर मौत का सफर; ओवरलोड वाहनों की रफ्तार और मवेशियों की मौत ने खड़े किए सवाल..गड्ढे, धूल और बेतरतीब स्पीड ब्रेकर से परेशान राहगीर, पंधी के पास वाहन की चपेट में 7 मवेशियों की मौत!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) बिलासपुर-सीपत मार्ग पर बदहाल सड़क, ओवरलोड भारी वाहनों और लगातार हो रहे सड़क हादसों ने राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है। अब इस मार्ग पर मवेशियों की लगातार हो रही मौत ने भी प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात ग्राम पंधी के पास एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से सात मवेशियों की मौत होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बिलासपुर से कुली तक सड़क पर आए दिन मवेशी वाहनों की चपेट में आ रहे हैं। कई स्थानों पर प्रतिदिन एक-दो मवेशियों की मौत होने का दावा किया जा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क पर घूमते मवेशियों के लिए खतरा लगातार बढ़ रहा है। बिलासपुर से सीपत तक की सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे, उड़ती धूल और बेतरतीब तरीके से बने स्पीड ब्रेकर राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इसके साथ ही ओवरलोड भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ गया है।
दावों पर भारी पड़ रही मवेशियों की मौत……
जिला प्रशासन की ओर से मवेशी मुक्त क्षेत्र बनाने और गौ सेवा धाम जैसी व्यवस्थाएं विकसित करने की बात कही जाती रही है। लेकिन सड़क पर लगातार मवेशियों की मौत इन दावों के जमीनी असर पर सवाल खड़े कर रही है। बारिश के मौसम में खेतों और आसपास के इलाकों में पानी भरने के कारण मवेशी सड़क पर आ जाते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार और भारी वाहनों के बीच उनकी जान पर खतरा बना रहता है। मवेशी बेजुबान हैं और खतरे का अंदाजा नहीं लगा पाते। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क पर मवेशियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने, ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई करने और मार्ग की बदहाली दूर करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो मवेशियों के साथ-साथ राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
