सीपत क्षेत्र में बढ़ रही बिजली की आंखमिचौली की समस्या, व्यापारियों सहित ग्रामीण परेशान……!! लोकल फाल्ट, मौसम खराब का कारण बन गया हैं बहाना, विद्युत मंडल की नहीं है कोई दिलचस्पी………??

सीपत:- (प्रांशु क्षत्रिय) क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बाधित होने से लोग परेशान हैं, हल्की बारिश होने के बाद रात भर लाइट नहीं आती जिसके कारण उपभोक्ता परेशान रहते है, वहीं आय दिन ग्रामीण क्षेत्राें में बीजली की आंखमिचौली ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है, सीपत विद्युत मंडल इस ओर दिलचस्पी से बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं ला रही है पिछले कुछ दिनों से सीपत, नवाडीह, जाँजी, मटियारी, पंधी, कौड़िया, गुडी, धनिया, मुड़पार, सेलर, ठरकपुर, मचखंडा, नरगोडा और भाड़ी में बिजली व्यवस्था बार-बार गड़बड़ा रही है, जिसे लेकर लोग काफी परेशान हैं। क्षेत्र में बार-बार बिजली बंद की समस्या एक बड़ी परेशानी बन चुकी है। किसी भी समय सप्लाई ठप हो जाती है और फिर खुद से आ जाती है। लोग समझ ही नहीं पा रहे हैं कि आखिर समस्या की मूल वजह क्या है।


जिस हिसाब से बिजली बंद हो रही है उससे मानसून को लेकर भी कोई खास तैयारी कंपनी द्वारा नजर नहीं आ रही है। मसलन इस बार बारिश के सीजन में बिजली की समस्या कम होने के बजाय बढ़ने लगी है। वही आये बारिश के मौसम में इस उमस भरी गर्मी की वजह से कूलर, एसी व पंखे के बिना लोग एक मिनट भी नहीं रह पा रहे है, क्षेत्र के लोग काफी परेशान नजर आ रहे है। इस तरह की लचर बिजली व्यवस्था की जानकारी लेने सीपत विद्युत मंडल के एई आर के चौहान को फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। यह बात साफ-साफ नजर आ रही है कि अपने विद्युत मंडल क्षेत्र में अधिकारियों की कोई दिलचस्पी नहीं है, क्षेत्रवासियों को परेशान करना इनकी आदत बन चुकी हैं।


जाँजी के लोगों में भारी आक्रोश, जल्द ही इस समस्या से निजात दिलाने की किये मांग:-
क्षेत्र के ग्राम जाँजी में इन दिनो बिजली की आंखमिचौली से वहां रहने वाले लोगों का हाल बेहाल है। बिजली कटौती की वजह से पेय जल आपूर्ति की भी दिक्कत आ रही है। ग्रामीण अशोच्यानंद राजपूत, देवराज सिंह एवं किशन यादव का कहना हैं कि बिजली विभाग के कर्मचारियों को लोकल फाल्ट, मेंटेनेंस, मौसम खराब कहने का एक बहाना मिल गया हैं। जिसके नाम पर लगातार बिजली गुल की जा रही है, बिजली कब आ जाए कब चली जाए कोई पता नहीं रहता है। इस बिजली की आंखमिचौली से व्यापारियों सहित ग्रामीण काफी हलकान है। ग्रामीणों ने जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
