बिलासपुर में 200 करोड़ का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तैयार, लेकिन मरीज अब भी इलाज को मोहताज; लोकार्पण और निरीक्षण के महीनों बाद भी सुविधाएं अधूरी, कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बेलतरा विधानसभा के कोनी में निर्मित 220 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एक बार फिर चर्चा में है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने अस्पताल की अधूरी व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निरीक्षण के बाद भी अस्पताल आज तक पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो पाया है, जिससे जनता को अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। विजय केशरवानी ने शनिवार को सिल्वर आक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि इस अस्पताल से बिलासपुर संभाग के हजारों मरीजों, किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों को बेहतर इलाज की उम्मीद थी, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अस्पताल में कई मूलभूत सुविधाएं अब भी अधूरी हैं। उनका कहना है कि भवन तैयार है, लेकिन व्यवस्थाओं के अभाव में मरीजों को अब भी रेफर किया जा रहा है।
सुपर स्पेशियलिटी या रेफरल सेंटर…?
कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि अस्पताल में हृदय, किडनी और ब्रेन जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों को इलाज के बजाय दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है, तो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्देश्य क्या रह जाता है। प्रेस नोट में दावा किया गया है कि अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, पूर्ण विकसित आईसीयू, कैथ लैब, ऑक्सीजन प्लांट, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, विशेषज्ञ डॉक्टर और गंभीर मरीजों के लिए अत्याधुनिक एंबुलेंस जैसी सुविधाएं अब तक पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं।
सरकार से पूछे आठ बड़े सवाल….
कांग्रेस ने सरकार से अस्पताल को पूरी क्षमता से शुरू करने की समय-सीमा घोषित करने, नियमित डॉक्टरों एवं तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती, कैथ लैब और ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने, 24 घंटे इमरजेंसी सेवा उपलब्ध कराने तथा अस्पताल के निजीकरण की किसी भी संभावना पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
निजीकरण की आशंका पर भी सवाल……
प्रेस वार्ता के दौरान अस्पताल के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई गई है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार स्पष्ट करे कि क्या भविष्य में इस अस्पताल को किसी निजी संस्था को सौंपने की कोई योजना है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि सरकार श्वेत पत्र जारी कर जनता को भरोसा दिलाए कि अस्पताल पूरी तरह जनहित में संचालित होगा। विजय केशरवानी ने कहा कि यह किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल की अधूरी व्यवस्थाएं जल्द पूरी नहीं की गईं और जनता को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध नहीं कराया गया, तो कांग्रेस इस मुद्दे पर चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
