पेंडलवार हॉस्पिटल पर गंभीर लापरवाही का आरोप; एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री से की निष्पक्ष जांच और लाइसेंस निरस्त करने की मांग..मरीज के पेट में सिलाई का धागा छोड़ने का मामला !

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शहर के पेंडलवार हॉस्पिटल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का मामला एक बार फिर चर्चा में है। एनएसयूआई छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने, पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि रेखा सूर्यवंशी का 12 जून 2026 को पेंडलवार हॉस्पिटल, बिलासपुर में ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही के कारण मरीज के पेट के अंदर सिलाई का धागा छोड़ दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज को लगातार पेट में असहनीय दर्द, उल्टी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि जब मरीज को दोबारा पेंडलवार हॉस्पिटल ले जाया गया तो अस्पताल प्रबंधन ने बिना किसी आवश्यक जांच के केवल आश्वासन दिया कि मरीज जल्द ठीक हो जाएगी और किसी अतिरिक्त जांच की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जब मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई तो उसे अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां कराई गई स्कैन जांच में कथित रूप से मरीज के पेट के भीतर चार से पांच सिलाई के धागे पाए गए। इसके बाद दोबारा सर्जरी कर उन्हें बाहर निकाला गया। एनएसयूआई ने इसे गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही बताते हुए कहा है कि इस घटना से मरीज को शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी तथा उसके जीवन पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ। ज्ञापन में स्वास्थ्य मंत्री से पांच प्रमुख मांगें की गई हैं, जिनमें पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, दोषी सर्जन एवं अस्पताल प्रबंधन पर वैधानिक कार्रवाई, पेंडलवार हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त करना, पीड़ित मरीज को उचित मुआवजा दिलाना तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था की विस्तृत जांच शामिल है।
श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री, छत्तीसगढ़…..
कोई भी अस्पताल हो, चिकित्सकीय लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष द्वारा हमें इस मामले से अवगत कराया गया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
