बिलासपुर; मेरी बहन को इंसाफ दिलाइए: संदिग्ध मौत के बाद भाई का फूटा दर्द; पति समेत ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप, शरीर पर चोट के निशान, मौत की सूचना भी नहीं दी!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के दयालबंद में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर प्रताड़ना तथा हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने की गुहार लगा रहे हैं। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ग्राम मधुपुर निवासी अदिति मौर्य की शादी वर्ष 2019 में दयालबंद निवासी रविकांत मौर्य के साथ हुई थी। दंपति की 14 माह की एक बेटी भी है। मृतका के भाई आलोक कुमार ने बिलासपुर एसएसपी से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसकी बहन को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि अदिति कई बार फोन पर अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार की जानकारी देती थी और अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताती थी। परिजनों के अनुसार 23 जून को अदिति के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के भाई का आरोप है कि घटना की जानकारी उन्हें ससुराल पक्ष ने नहीं दी, बल्कि पड़ोसियों से उन्हें इस दुखद घटना का पता चला। उन्होंने दावा किया कि मौत के करीब एक घंटे बाद परिवार को सूचना मिली। मायके पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और कुछ प्रभावशाली लोग आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं। परिजनों का कहना है कि अंतिम संस्कार के दौरान भी उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। मृतका के भाई के मुताबिक अदिति के हाथ, गर्दन, पैर, कान और पीठ सहित शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई है। वहीं पति का दावा है कि अदिति ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है, लेकिन मायके पक्ष इस दावे को सिरे से खारिज कर रहा है। परिजनों ने पति, सास-ससुर, ननद और अन्य ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इधर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
