बिलासपुर; केंद्रीय जेल में बंदी की मौत पर गरमाई सियासत: मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग; परिजनों के साथ प्रभारी कलेक्टर से की मुलाकात, अटल श्रीवास्तव ने मांगी न्यायिक जांच!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) केंद्रीय जेल बिलासपुर में विचाराधीन बंदी नीलू जगत की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कोटा विधायक Atal Shrivastava ने घटना की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने, मृतक की पत्नी को शासकीय नौकरी देने तथा 50 लाख रुपये मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। मंगलवार को मृतक के परिजन, ग्रामीणों और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने न्याय की मांग को लेकर विधायक अटल श्रीवास्तव के निवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद विधायक ने परिजनों एवं समाज के प्रमुखजनों के साथ प्रभारी कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। अटल श्रीवास्तव ने कहा कि नीलू जगत एक विचाराधीन बंदी था और वह राज्य की अभिरक्षा में था। ऐसे में उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और जेल प्रशासन की जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए तथा दोषियों को कठोर सजा दी जानी चाहिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि मृतक की पत्नी की उम्र मात्र 24 वर्ष है और उसकी दो वर्षीय बेटी है। परिवार के सामने भरण-पोषण, शिक्षा और भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में मानवीय आधार पर परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी प्रदान की जानी चाहिए। इस दौरान जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने विधायक की मांग पर मृतक के परिजनों को 7.50 लाख रुपये की सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। विधायक अटल श्रीवास्तव ने भी पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की। परिजनों ने घटना की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग देखने की मांग की, जिस पर जेल प्रशासन ने उन्हें घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज दिखाया। इस अवसर पर अरुण त्रिवेदी, आदित्य दीक्षित, अभयनारायण राय, देवलाल जगत, प्रभु जगत, मनोहर ध्रुव, धामसिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं समाज के लोग उपस्थित रहे।
