जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप: घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़; क्रेटा कार और डंडा जब्त, 9 आरोपी गिरफ्तार!

रायगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) जमीन विवाद को लेकर घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और बलवा करने वाले नौ आरोपियों को लैलूंगा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में घटना में प्रयुक्त क्रेटा कार और डंडा भी जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार ग्राम बरखोरिया निवासी पुष्पा यादव (35) ने 22 जून को थाना लैलूंगा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके परिवार द्वारा कब्जे की कृषि भूमि पर धान की बुआई की गई थी। दोपहर करीब दो बजे कृष्णा यादव, लिंगराज यादव, जागेश्वर यादव, हलधर यादव, पूर्णचंद्र चौबे, बसंत यादव, विनेश यादव उर्फ बबलू, रघुवीर टंडन, सूरज ओगरे और संजय बरेठ एकजुट होकर खेत में पहुंचे और जबरन जोताई व धान की बुआई करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने प्रार्थिया के घर और आंगन में घुसकर छप्पर एवं घरेलू सामान में तोड़फोड़ की। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और मारपीट भी की। शिकायत के आधार पर थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 202/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने टीम के साथ आरोपियों की तलाश कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त काले रंग की क्रेटा कार क्रमांक सीजी-11-एएन-0911 तथा मारपीट में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद किया। गिरफ्तार आरोपियों में कृष्ण कुमार यादव उर्फ कृष्णा यादव, जागेश्वर यादव, हलधर यादव, पूर्णचंद्र चौबे, बसंत यादव, विनेश यादव उर्फ बबलू यादव, रघुवीर टंडन उर्फ रघु टंडन, सूरज ओगरे और संजय बरेठ शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि, “जमीन विवाद अथवा किसी भी अन्य कारण से कानून अपने हाथ में लेने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस कठोर कार्रवाई करेगी। मारपीट, बलवा, घर में घुसकर तोड़फोड़ और शांति भंग करने जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आमजन अपने विवादों का समाधान कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से करें।”
