बिलासपुर; पत्रकारों ने आईजी और कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, पत्रकारों पर दर्ज एफआईआर का किया विरोध, पत्रकार सुरक्षा प्रावधानों के पालन और निष्पक्ष जांच की मांग!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एवं कलेक्टर से मुलाकात कर हाल ही में पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर पर आपत्ति जताई। पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर पत्रकार सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के पालन तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि हाल के दिनों में दो पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों से पत्रकार समुदाय में असंतोष एवं असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई है। पत्रकारों का आरोप है कि संबंधित प्रकरण में शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया एवं पत्रकार सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना एफआईआर दर्ज की गई। पत्रकारों ने बताया कि सिविल लाइन थाना के पुराने भवन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक पुलिसकर्मी वर्दी में सोता हुआ दिखाई दे रहा था तथा परिसर में शराब की बोतलें भी नजर आ रही थीं। इस वीडियो के आधार पर विभिन्न समाचार माध्यमों ने समाचार प्रकाशित किए थे। बाद में एक कथित ऑडियो वायरल हुआ, जिसके आधार पर पुलिस द्वारा कुछ पत्रकारों एवं अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि एफआईआर दर्ज करने से पहले संबंधित पत्रकारों का पक्ष नहीं लिया गया तथा उपलब्ध तथ्यों की निष्पक्ष जांच भी नहीं की गई। ज्ञापन में पत्रकार सुरक्षा संबंधी शासन के निर्देशों एवं समिति गठन संबंधी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए मामले की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराने की मांग की गई। पत्रकारों ने मांग की कि संबंधित प्रकरण को सक्षम समिति को सौंपकर निष्पक्ष जांच कराई जाए, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए तथा भविष्य में पत्रकारों से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान आईजी रामगोपाल गर्ग एवं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा तथा मामले में नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयावधि में उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो 15 जून से चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
