गौ सम्मान आह्वान अभियान का दूसरा चरण; 15 करोड़ हस्ताक्षरों के साथ सरकार को भेजा प्रार्थना-पत्र..बिलासपुर में 3.98 लाख हस्ताक्षरों का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा, गौहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून की मांग!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) गौमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग को लेकर चलाए जा रहे गौ सम्मान आह्वान अभियान के दूसरे चरण में सोमवार को देशभर के 790 जिलों से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र सरकार को भेजे गए। बिलासपुर जिले में अभियान के तहत 3 लाख 98 हजार 534 हस्ताक्षरों वाला प्रार्थना-पत्र कलेक्टर संजय अग्रवाल के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया। कार्यक्रम की शुरुआत तिलकनगर स्थित राम मंदिर में गौमाता के पूजन, शंखनाद और सामूहिक मंत्र जाप के साथ हुई। इसके बाद संस्कृत विद्यालय के विद्वानों ने वेद मंत्रों का उच्चारण किया और गौ यज्ञ संपन्न कराया गया। इसके बाद गौभक्तों ने झंडे, बैनर और मांगों से जुड़े प्लेकार्ड लेकर शांतिपूर्ण प्रार्थना यात्रा निकाली, जो सुबह करीब 11 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यात्रा में कामधेनु गौशाला, नूर महल लुधियाना से लाए गए नंदी महाराज चैतन्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार नंदी महाराज के साथ बड़ी संख्या में गौभक्त जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यात्रा में संत-महात्माओं, विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों, मातृशक्ति, युवाओं, किसानों और व्यापारियों ने हिस्सा लिया। अभियान के तहत गौहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून बनाने, गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान देने, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने, केंद्रीय गौ मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गौ-चारा नीति बनाने और कृषि, चिकित्सा, पर्यावरण व शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में गौ-केंद्रित राष्ट्रीय नीति लागू करने की मांग की गई है। अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 को देशभर से 5 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ प्रार्थना-पत्र सरकार को सौंपे गए थे। मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं होने के बाद दूसरे चरण में दोबारा 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ अनुस्मारक प्रार्थना-पत्र भेजे गए। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल को ज्ञापन और हस्ताक्षरों की डिजिटल कॉपी पेनड्राइव के माध्यम से सौंपी। अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति के साथ-साथ कृषि, पर्यावरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनकल्याण का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से चलाया जा रहा है। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो तीसरे चरण में देशभर में 20 करोड़ अतिरिक्त हस्ताक्षर कराकर 27 अक्टूबर 2027 को संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के माध्यम से प्रधानमंत्री को सौंपे जाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और गौभक्त उपस्थित रहे।
