बिलासपुर; सिरगिट्टी थाना प्रभारी तुम चूड़ी पहन लो; दुष्कर्म पीड़िता बच्चियों की माँ ने SP दफ्तर पहुंचकर कही यह बात..7 और 8 साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म की वारदात से दहला बिलासपुर, पुलिस पर लगे कई गंभीर आरोप!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में दो मासूम बच्चियों के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़ित बच्चियों की मां ने केंद्रीय गृह मंत्री को शिकायत पत्र भेजकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मामले की गंभीरता के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में देरी की, महत्वपूर्ण साक्ष्यों को समय पर जब्त नहीं किया और जांच में अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई। दोनों बच्चियों की पीड़िता मां ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनकी नाबालिग बच्चियों के साथ गंभीर और अमानवीय अपराध हुआ, लेकिन घटना की जानकारी देने के बाद भी थाना स्तर पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। परिवार को दिनभर थाना और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला दर्ज हुआ। शिकायत में कहा गया है कि बच्चियों ने घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य बताए थे। परिवार ने पुलिस को ऐसे संभावित साक्ष्यों की जानकारी भी दी थी, जिन्हें तत्काल जब्त कर वैज्ञानिक जांच कराई जा सकती थी। आरोप है कि पुलिस ने इन साक्ष्यों को सुरक्षित करने और जब्त करने में गंभीर लापरवाही बरती, जिससे महत्वपूर्ण सबूतों के नष्ट होने या प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। परिवार का दावा है कि बच्चियों ने बताया था कि आरोपी द्वारा गलत काम के दौरान उन्हें रस्सी से बांधा जाता था। इसके बावजूद संबंधित वस्तुओं और अन्य संभावित साक्ष्यों को समय पर जब्त नहीं किया गया।
बार-बार पूछताछ से बच्चियों पर मानसिक दबाव…..
पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि बच्चियों से लगातार पूछताछ की गई, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान होती रहीं। वहीं चिकित्सकीय परीक्षण के बाद भी बच्चियों द्वारा दर्द और घटना से जुड़े संकेत दिए जाते रहे, लेकिन मामले की गंभीरता के अनुरूप संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई।
समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप....
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जांच के दौरान कई बार परिवार को यह कहकर मामला समाप्त करने और समझौता करने की सलाह दी गई कि आरोपी पड़ोसी और परिचित हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि ऐसे सुझावों से उनका मनोबल टूटा और न्याय व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हुआ। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष को विशेष महत्व दिया गया, जबकि उनकी शिकायतों और आशंकाओं को गंभीरता से नहीं लिया गया।
धमकियों और सुरक्षा को लेकर चिंता…..
पीड़ित मां ने शिकायत में कहा है कि आरोपी पक्ष द्वारा परिवार को धमकियां दी जा रही हैं, जिससे बच्चियों और पूरे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है। परिवार ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
इन अधिकारियों की भूमिका की जांच की माँग.…
शिकायत में सिरगिट्टी थाना प्रभारी अभय सिंह बैस, उप निरीक्षक शीतल प्रसाद त्रिपाठी तथा जांच अधिकारी संतोषी अग्रवाल की भूमिका की विभागीय जांच कराने और जांच पूरी होने तक उन्हें मामले से अलग करने की मांग की गई है।
पीड़ित परिवार की प्रमुख मांगें….
पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ एवं स्वतंत्र अधिकारी से कराई जाए, घटना से जुड़े सभी संभावित साक्ष्य तत्काल जब्त कर वैज्ञानिक जांच कराई जाए। एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी और साक्ष्य संग्रह में बरती गई लापरवाही की जांच हो। संबंधित पुलिस अधिकारियों की विभागीय जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। पीड़ित बच्चियों और परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
