बिलासपुर निगम का पशु आश्रय स्थल बना मौत का घर; मोपका के पशु स्थल में मौतों का सिलसिला जारी..500 की क्षमता वाले शेड में हजारों मवेशी, गौसेवकों का आरोप: हर दिन 1 से 3 मवेशियों की मौत, चारा-इलाज और जगह की कमी से बिगड़ रहे हालात!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) मोपका स्थित नगर निगम के पशु आश्रय स्थल में मवेशियों की लगातार हो रही मौतों ने नगर निगम और जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौसेवकों का आरोप है कि करीब 500 मवेशियों की क्षमता वाले शेड में हजारों मवेशियों को ठूंसकर रखा गया है। पर्याप्त जगह, चारा, पानी और इलाज की व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां मवेशियों की हालत लगातार बिगड़ रही है। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे गौसेवा से जुड़ी टीम पशु आश्रय स्थल पहुंची। टीम के पहुंचने से पहले ही एक मवेशी की मौत हो चुकी थी, जबकि गौसेवकों की मौजूदगी में एक और मवेशी ने दम तोड़ दिया। इस तरह शुक्रवार को ही दो मवेशियों की मौत का मामला सामने आया। वहीं, मौके पर 4 से 5 मवेशी गंभीर रूप से बीमार हालत में पाए गए। गौसेवकों का दावा है कि पशु आश्रय स्थल में हर दिन 1 से 3 मवेशियों की मौत हो रही है। उनका कहना है कि शायद ही साल का कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब यहां किसी मवेशी की मौत न होती हो। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से मवेशियों की बेहतर देखभाल और पर्याप्त व्यवस्थाओं के दावे किए जा रहे हैं।
जगह की कमी से मवेशियों की हालत खराब…..
गौसेविका निधि तिवारी ने कहा कि मोपका पशु आश्रय स्थल की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां क्षमता से कई गुना अधिक मवेशियों को रखा गया है। बीमार मवेशियों के लिए पर्याप्त उपचार और देखभाल की व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही मौतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल पशु आश्रय स्थल की व्यवस्था सुधारने और मवेशियों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने की मांग की। वहीं गौसेविका सपना क्षत्रिय ने कहा कि मौके पर मवेशियों की स्थिति देखकर साफ है कि व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं। कई मवेशी बीमार हालत में मिले और शुक्रवार को दो मवेशियों की मौत भी सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि 500 मवेशियों की क्षमता वाले शेड में हजारों मवेशियों को रखने से अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मामले का तत्काल संज्ञान लेकर मवेशियों के लिए पर्याप्त जगह, चारा और इलाज की व्यवस्था करनी चाहिए। शुक्रवार को पशु आश्रय स्थल पहुंचने वाले गौसेवकों में निधि तिवारी, सपना क्षत्रिय, शुभम मिश्रा, कुबेर गुप्ता सहित अन्य गौसेवक शामिल थे। लगातार हो रही मौतों और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अब मोपका का पशु आश्रय स्थल सवालों के घेरे में है। गौसेवकों ने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल व्यवस्था सुधारने और मवेशियों की मौतों पर रोक लगाने की मांग की है।
