बिलासपुर में 5 करोड़ की चोरी की अफवाह निकली फर्जी..कचरा उठाने वाले 3 नाबालिगों ने की थी वारदात, चोरी हुआ नकद और जेवर बरामद!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शहर में एक कारोबारी के घर से 5 करोड़ रुपये की चोरी की फैली सनसनीखेज खबर को बिलासपुर पुलिस ने महज कुछ घंटों में खारिज कर दिया। पुलिस जांच में 5 करोड़ रुपये की चोरी की बात पूरी तरह भ्रामक और निराधार निकली। मामले में थाना सिविल लाइन पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया है। उनकी निशानदेही पर चोरी गया नकद, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामान बरामद कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार गणेश चौक निवासी रजनीश सेठ अपने परिवार के साथ 18 जुलाई से ऋषिकेश भ्रमण पर गए थे। घर की सुरक्षा के लिए रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक सुरक्षा गार्ड तैनात था। 23 जुलाई की रात ड्यूटी के दौरान गार्ड ने घर के पीछे लगी विंडो एसी को निकला हुआ देखा और तत्काल इसकी सूचना मकान मालिक को दी। इसके बाद प्रार्थी ने अपने बेटे और एक परिचित को घर भेजकर जांच कराई। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर घर में विंडो एसी हटाकर घुसने और अलमारी की चाबी का इस्तेमाल कर नकदी व जेवर चोरी किए जाने की आशंका जताई गई। वीडियो कॉल के जरिए मिली प्रारंभिक जानकारी के आधार पर करीब 1.85 लाख से 2.35 लाख रुपये नकद और 15 से 20 तोला सोने के आभूषण चोरी होने का अनुमान लगाया गया था।
सोशल मीडिया पर उड़ी 5 करोड़ की अफवाह……
इसी बीच कुछ लोगों ने बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के सोशल मीडिया पर घर से करीब 5 करोड़ रुपये की चोरी होने की खबर प्रसारित कर दी। इससे शहर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि 5 करोड़ रुपये की चोरी की बात पूरी तरह अफवाह और तथ्यहीन है। प्रार्थी के वापस लौटने के बाद उन्होंने थाना सिविल लाइन पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रारंभिक रूप से चोरी होने की आशंका जताई गई कुछ वस्तुएं घर में ही सुरक्षित मिल गईं। इसके बाद शेष चोरी गए सामान के संबंध में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज…..
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन और ACCU की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 10 से 13 वर्ष की आयु के तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में तीनों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने 1,06,635 रुपये नकद, 4,500 रुपये के पुराने नोट, सोने-चांदी के आभूषण, बहुमूल्य रत्न, पीतल और कांसे के पूजा एवं घरेलू उपयोग के सामान, नल की टोटियां, सिटकनी, कब्जे और अन्य धातु फिटिंग का सामान बरामद किया है। बरामद सामान की पहचान प्रार्थी ने कर ली है। मामले में किशोर न्याय अधिनियम और अन्य प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
