धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से बिलासपुर के युवाओं में खुशी; बोले: पेपर लीक पर सरकार को पहले ही लेना था बड़ा फैसला..सालों की मेहनत पर पानी फेर रहे पेपर लीक माफिया, दोषियों के साथ पेपर खरीदने वालों पर भी हो सख्त कार्रवाई!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बिलासपुर के युवाओं और छात्रों में खुशी का माहौल है। छात्रों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों पर सरकार को पहले ही बड़ा फैसला लेना चाहिए था। छात्रों का कहना है कि लगातार मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर लंबे समय से नाराजगी और निराशा थी। छात्रों का कहना है कि युवा कई वर्षों तक मेहनत करते हैं। दिन-रात पढ़ाई कर बड़े पदों और अपनी ड्रीम जॉब के लिए तैयारी करते हैं। परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी पेपर लीक होने के बाद दोबारा परीक्षा, अनिश्चितता और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कुछ लोगों की गलती या भ्रष्टाचार का खामियाजा मेहनत करने वाले लाखों छात्रों को भुगतना पड़ता है। बिलासपुर के छात्र अमित कुमार और सत्यम कुमार ने कहा कि पेपर लीक के मामलों के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए। कई जगहों पर तोड़फोड़ हुई, पुलिसकर्मी और छात्र घायल हुए। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति पैदा होने से पहले ही सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए था। अमित कुमार ने कहा कि एक नेता की जिम्मेदारी होती है कि वह समय रहते सही फैसला ले। उन्होंने सरकार से पेपर लीक के मामलों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। छात्रों का कहना है कि केवल पेपर लीक करने वालों पर ही कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। जो लोग लीक हुए पेपर को खरीदते हैं और उसके जरिए परीक्षा में अनुचित लाभ लेने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। छात्रों ने कहा कि पेपर लीक के पूरे नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए कड़े प्रावधान जरूरी हैं, तभी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा कायम हो सकेगा। बिलासपुर के युवाओं ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लौटाना और मेहनत करने वाले युवाओं का भरोसा कायम करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
ड्रीम जॉब का सपना पेपर लीक से हो जाता है चकनाचूर…….
छात्र अजीत दास ने कहा कि कोई भी युवा जब किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी शुरू करता है तो उसके मन में एक लक्ष्य और ड्रीम जॉब होती है। बड़े पदों पर पहुंचने के लिए छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं। लेकिन जब परीक्षा से पहले पेपर लीक होने की जानकारी सामने आती है तो उनका सपना चकनाचूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की खबर सामने आते ही छात्रों में चिंता और हताशा पैदा हो जाती है। मेहनत करने वाले छात्रों को लगता है कि उनकी तैयारी और समय दोनों बर्बाद हो गए। छात्रों ने कहा कि सरकार को पेपर लीक के मामलों में जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
