सीपत के लिए गौरव का क्षण; रामेश्वर जायसवाल बने जिला शिक्षा अधिकारी, वनांचल ग्राम से जिले की कमान तक..उपलब्धि पर क्षेत्र गौरवान्वित!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) राज्य शासन द्वारा शिक्षा विभाग में किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत बिलासपुर जिले के नए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के रूप में रामेश्वर जायसवाल की नियुक्ति की गई है। वहीं वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे का तबादला कर दिया गया है। शासन के आदेश जारी होते ही शिक्षा विभाग में नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू हो गई है। रामेश्वर जायसवाल की इस महत्वपूर्ण नियुक्ति से जहां शिक्षा जगत में नई उम्मीदें जगी हैं, वहीं सीपत क्षेत्र के लोगों में भी उत्साह और गर्व का माहौल है। सीपत क्षेत्र के वनांचल ग्राम सोंठी निवासी रामेश्वर जायसवाल लंबे समय से शिक्षा विभाग में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते रहे हैं। प्रशासनिक कार्यों में उनकी दक्षता और अनुभव को देखते हुए शासन ने उन्हें बिलासपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था की कमान सौंपी है। उनकी नियुक्ति को जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यालयीन व्यवस्थाओं और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है। रामेश्वर जायसवाल केवल शिक्षा विभाग में ही नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में भी अपनी सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते हैं। वे मां बंगलामुखी मन्नादेवी मंदिर समिति सोंठी के अध्यक्ष के रूप में क्षेत्र में लंबे समय से सेवा कार्यों से जुड़े रहे हैं। उनके जिला शिक्षा अधिकारी बनने की खबर मिलते ही सोंठी सहित पूरे सीपत क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए रामेश्वर जायसवाल को शुभकामनाएं दी हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि उनके नेतृत्व में जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा स्कूलों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान में तेजी आएगी। वहीं विजय टांडे के कार्यकाल में संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नई पहलें भी देखने को मिल सकती हैं। सीपत के वनांचल क्षेत्र से निकलकर जिले के सर्वोच्च शैक्षणिक प्रशासनिक पद तक पहुंचने वाले रामेश्वर जायसवाल की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का विषय बन गई है। उनकी नियुक्ति को लेकर पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और लोगों को उम्मीद है कि वे अपने अनुभव और कार्यकुशलता से बिलासपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
