बिलासपुर में फर्जी स्कूल का खुलासा: शिक्षा विभाग पर सवाल; बिना अनुमति 12वीं तक संचालित हो रहा स्कूल, 8 साल से बिना मान्यता चल रही पढ़ाई!

बिलासपुर: (भारतेंदु कौशिक) जिले से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बिल्हा विकासखंड के ग्राम नेवासा में संचालित मॉडर्न पब्लिक हाई स्कूल पिछले 8 से 10 वर्षों से बिना वैध मान्यता के चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि मान्यता समाप्त होने के बावजूद यहां 12वीं तक की पढ़ाई लगातार कराई जा रही है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, स्कूल खुलेआम नियमों की अनदेखी करते हुए संचालित हो रहा है। हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिनमें मान्यता कोड प्रदर्शित करना, निर्धारित फीस नियमों का पालन और किताबों-यूनिफॉर्म के लिए दबाव न बनाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। बावजूद इसके, नेवासा का यह स्कूल इन सभी नियमों की धज्जियां उड़ाता नजर आ रहा है। मामले में सबसे बड़ा सवाल शिक्षा विभाग की भूमिका को लेकर उठ रहा है। क्या विभाग को इस स्कूल की जानकारी नहीं थी, या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई? सूत्रों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन खुद को जिला शिक्षा अधिकारी का रिश्तेदार बताकर कार्रवाई से बचता रहा है। यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। शिक्षा विभाग लगातार गुणवत्ता और निगरानी के बड़े-बड़े दावे करता रहा है, लेकिन इस तरह का मामला उन दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। वर्षों से बिना मान्यता स्कूल का संचालन होना प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाता है। अब देखना होगा कि इस खुलासे के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी और स्कूल पर रोक लगेगी, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा? फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ आखिर कब तक?


















