बिलासपुर में तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था की शुरुआत: त्रिनेत्र’ बनेगा बिलासपुर का सुरक्षा प्रहरी, शहर में लगेंगे 1000 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे, अब कैमरों की नजर में रहेगा शहर, आधुनिक कंट्रोल रूम से होगी निगरानी!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शहर की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाने के लिए जनसहयोग आधारित महत्वाकांक्षी ‘त्रिनेत्र’ योजना जल्द शुरू की जाएगी। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों, प्रवेश और निकास बिंदुओं सहित संवेदनशील क्षेत्रों में 1000 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और महिला-बाल सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करना है। तारबहार स्थित एकीकृत कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) में आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, त्रिनेत्र सेवा समिति के अध्यक्ष रामावतार अग्रवाल और कोषाध्यक्ष प्रवीण झा ने योजना की विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि त्रिनेत्र योजना प्रशासन, पुलिस, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों की साझेदारी से संचालित एक जनहितैषी पहल है। योजना का उद्देश्य अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की शीघ्र पहचान, यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। योजना के तहत एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे, हाई-रिजोल्यूशन बुलेट कैमरे, पीटीजेड कैमरे तथा लंबी दूरी तक निगरानी करने वाले विशेष फोकस कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इन कैमरों के जरिए शहर की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि तकनीक आधारित यह व्यवस्था पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाएगी। कैमरों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखी जा सकेगी, अपराधों की जांच में तेजी आएगी और यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। उन्होंने बताया कि चोरी, लूट, सड़क दुर्घटनाओं और साइबर अपराधों की रोकथाम में भी यह परियोजना सहायक साबित होगी। योजना के संचालन के लिए एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम विकसित किया जा रहा है। यहां वीडियो वॉल डिस्प्ले और आधुनिक सर्वर प्रणाली स्थापित की जाएगी, जिससे एक साथ हजारों कैमरों की निगरानी और डेटा प्रबंधन किया जा सकेगा। यह कंट्रोल सेंटर शहर की सुरक्षा व्यवस्था का केंद्रीय तंत्र बनेगा। त्रिनेत्र सेवा समिति के अध्यक्ष रामावतार अग्रवाल ने बताया कि यह परियोजना पूरी तरह जनसहयोग और कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से संचालित की जाएगी। इसके लिए किसी सरकारी बजट का उपयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने उद्योगपतियों, व्यापारियों और सामाजिक संस्थाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। प्रेस वार्ता में मौजूद वक्ताओं ने विश्वास जताया कि जनभागीदारी और आधुनिक तकनीक के समन्वय से बिलासपुर को अपराध नियंत्रण, सुरक्षित यातायात और महिला-बाल सुरक्षा के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी तथा शहर “सुरक्षित, सजग और स्मार्ट बिलासपुर” के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।
