मैनपाट में पीलिया का कहर: पूर्व उपसरपंच समेत 4 की मौत…बाकी मरीजों का अंबिकापुर-रायपुर में इलाज जारी है, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट!

अंबिकापुर: (प्रांशु क्षत्रिय) मैनपाट क्षेत्र में पीलिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। बीमारी के कारण पूर्व उपसरपंच सहित चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मरीजों का अंबिकापुर और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर जिला स्तरीय टीमों को प्रभावित गांवों में भेजा है। जानकारी के अनुसार मैनपाट के नर्मदापुर, कुनिया और आसपास के गांवों में बड़ी संख्या में लोग पीलिया से प्रभावित हैं। कुनिया गांव के पूर्व उपसरपंच जितेंद्र यादव, नर्मदापुर निवासी भाग्यवती यादव, बईगहवा की एक युवती तथा बरिमा गांव के कक्षा नौवीं के छात्र विकास यादव की बीमारी के कारण मौत होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कई मरीज अंबिकापुर के निजी अस्पतालों और रायपुर के चिकित्सा संस्थानों में भर्ती हैं। पीलिया के बढ़ते मामलों के बीच बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई है। प्रभावित गांवों में उपयोग किए जा रहे पेयजल के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि दूषित पेयजल संक्रमण की वजह हो सकता है।
सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था पर सवाल…….
अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती मैनपाट निवासी उदयभान यादव ने बताया कि क्षेत्र के कई गांवों में लोग पीलिया से पीड़ित हैं और चार से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। उनका आरोप है कि मैनपाट के सरकारी अस्पतालों में समुचित उपचार व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। गंभीर स्थिति होने पर लोगों को अंबिकापुर और अन्य शहरों के निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
प्रशासन सतर्क, जांच रिपोर्ट का इंतजार…..
स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित गांवों में सर्वे कर रही है तथा मरीजों की पहचान कर उपचार की व्यवस्था की जा रही है। वहीं पेयजल जांच रिपोर्ट आने के बाद बीमारी फैलने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। प्रशासन ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, उबला या शुद्ध पानी पीने और लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।
