सरगुजिया बोलने पर 4 साल के बच्चे को नहीं मिला एडमिशन: भेदभाव के आरोप; पूर्व डिप्टी सीएम बोले..ऐसे स्कूल बंद होने चाहिए!

अंबिकापुर: (प्रांशु क्षत्रिय) एक निजी स्कूल पर स्थानीय भाषा बोलने के कारण 4 साल के बच्चे को एडमिशन देने से इनकार करने का गंभीर मामला सामने आया है। यह पूरा मामला सौरंग किड्स एकेडमी का बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि बच्चे को एक सप्ताह तक डेमो क्लास में बैठाने के बाद स्कूल प्रबंधन ने यह कहते हुए एडमिशन देने से मना कर दिया कि बच्चा सरगुजिया भाषा बोलता है, जिससे अन्य बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है। अजित बसंत ने कहा कि शिक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिए गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सरगुजा में सरगुजिया बोलने के कारण बच्चे को एडमिशन नहीं दिया गया है, तो ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, यहां तक कि उन्हें बंद भी किया जाना चाहिए। फिलहाल शिक्षा विभाग द्वारा मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


















