रायगढ़ में नाबालिग की 1.5 लाख में खरीद-फरोख्त: नौकरी का झांसा देकर गिरोह ने रचा जाल; शादी के नाम पर सौंपा, लौटने पर देह व्यापार में धकेला..5 आरोपी गिरफ्तार!

रायगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) कोतरारोड थाना क्षेत्र से नाबालिग लड़की की तस्करी और शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। 17 वर्षीय पीड़िता को नौकरी दिलाने का झांसा देकर पहले मध्य प्रदेश ले जाया गया, जहां डेढ़ लाख रुपए में उसकी शादी करा दी गई। किसी तरह वापस लौटने के बाद भी उसे देह व्यापार में धकेल दिया गया। पुलिस ने इस मामले में खरीदार समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता ने 11 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि 26 नवंबर 2025 को पिता की डांट-फटकार से परेशान होकर वह घर से निकल गई थी। इसी दौरान उसकी परिचित एक नाबालिग लड़की उसे नौकरी दिलाने के बहाने रायगढ़ ले आई और महादेव मंदिर के पास गिरोह के अन्य सदस्यों से मिलवाया। अगले दिन आरोपियों ने पीड़िता को सागर ले जाकर 37 वर्षीय सुनील दीक्षित से डेढ़ लाख रुपए में सौदा कर दिया। आरोपी की शादी नहीं हो रही थी, जिसके चलते पैसों के बदले नाबालिग से उसकी शादी करा दी गई। मध्य प्रदेश ले जाकर डेढ़ लाख में सौदा कर दिया। आरोपी की शादी नहीं हो रही थी, इसलिए पैसों के बदले नाबालिग से उसकी शादी करा दी प्रताड़ना से तंग आकर भागी। शादी के बाद आरोपी द्वारा जबरन संबंध बनाने से परेशान होकर नाबालिग किसी तरह ट्रेन से वापस रायगढ़ पहुंची। हालांकि, पिता के डर से वह घर नहीं लौटी। रायगढ़ लौटने के बाद वह फिर उसी लड़की के संपर्क में आई, जिसने पहले उसे बहलाया था। इस बार उसे अपने पास रखने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में एक महिला के जरिए उसे देह व्यापार में धकेल दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। पीड़िता का मेडिकल किया गया। 5 आरोपी गिरफ्तार 1. बिन्दिया रात्रे (23) (लड़की को देह व्यापार में धकेला), 2. पूजा उर्फ बॉबी उर्फ चाची (45) (मां), 3. चिकू खान (20), (बेटा)4. नाबालिग, (जॉब का झांसा दिया था), 5. सुनील दीक्षित (37) सागर, MP (जिसने पैसे देकर नाबालिग से शादी की)। जेल भेजे गए। मुख्य आरोपी सुनील दीक्षित को छतरपुर से गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया गया। अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर 15 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया। नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है, जबकि अन्य आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


















