बिलासपुर में फर्जी तरीके से किसान की जमीन पर लोन..पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के मस्तूरी तहसील अंतर्गत ग्राम जैतपुर के एक किसान के साथ फर्जीवाड़े का गंभीर मामला सामने आया है, जहां उसकी पैतृक कृषि भूमि को बिना जानकारी के बंधक रखकर लाखों रुपये का लोन ले लिया गया। ग्राम जैतपुर निवासी 63 वर्षीय किसान पदुम कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक कृषि भूमि, जो राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दर्ज है, उसको किसी अन्य व्यक्ति द्वारा धोखाधड़ीपूर्वक बैंक में गिरवी रख दिया गया। इस जमीन पर लगभग 12 लाख रुपये का लोन भारतीय स्टेट बैंक, शाखा मस्तूरी से लिया गया है। पीड़ित किसान को इस फर्जी लोन की जानकारी 2 जनवरी 2026 को तब हुई, जब बैंक के शाखा प्रबंधक स्वयं उनके घर पहुंचे और उन्हें इस संबंध में अवगत कराया। इस मामले में बिसाहू लाल गोंड़, निवासी मल्हार, पर आरोप लगाया गया है कि उसने नाम की समानता का अनुचित लाभ उठाकर उक्त जमीन को बैंक में बंधक रखकर लोन लिया. पीड़ित ने 20 जनवरी 2026 को बैंक शाखा मस्तूरी में लिखित आवेदन देकर जमीन को बंधन मुक्त करने की मांग की थी। उनका कहना है कि जमीन बंधक होने के कारण उन्हें खेती के लिए खाद, बीज और अन्य ऋण लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान ने स्पष्ट किया है कि उनका भारतीय स्टेट बैंक की उक्त शाखा में कोई खाता नहीं है और न ही उन्होंने कभी बैंक से कोई लेन-देन किया हैं. पीड़ित ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि फर्जी लोन लेने और उसे पास करने वाले दोनों ही अपराधी हैं और इन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो। यह मामला न केवल बैंकिंग प्रणाली की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि किसानों की जमीन सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।


















