बलरामपुर में फिर मिली अवैध अफीम की खेती; खजूरी पंचायत में डेढ़–दो एकड़ में फसल का दावा..पुलिस जांच में जुटी!

बलरामपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध अफीम की खेती का एक और मामला सामने आया है। कुसमी क्षेत्र के बाद अब कोरंधा थाना क्षेत्र के खजूरी पंचायत के तुर्रापानी इलाके में अफीम की खेती होने की सूचना मिली है। ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फसल का निरीक्षण किया। जानकारी के मुताबिक खजूरी गांव झारखंड सीमा से लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि खजूरी पंचायत के पहाड़ी क्षेत्र तुर्रापानी में करीब डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर अवैध रूप से अफीम की खेती की गई है। यह इलाका दुर्गम और कम आवाजाही वाला होने के कारण लंबे समय तक किसी की नजर में नहीं आया।इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि खजूरी पंचायत में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम की फसल पाई गई है। उन्होंने इसे जिले में सामने आया तीसरा मामला बताया। हालांकि बलरामपुर के एसपी वैभव बैंकर ने फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।
त्रिपुरी में पहले पकड़ी गई थी 3.67 एकड़ अफीम
इससे पहले कुसमी क्षेत्र के त्रिपुरी घोसराडांड़ गांव में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर अफीम की फसल के नमूने लिए थे। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में करीब 3.67 एकड़ जमीन पर लगी अफीम की फसल को उखाड़कर जब्त किया गया। कार्रवाई के दौरान खड़ी फसल को 354 बोरों में भरकर ट्रैक्टर के जरिए थाने लाया गया। इसके अलावा मौके से पांच बोरा सूखा डोडा भी जब्त किया गया, जिसमें पोस्ता दाना भरा हुआ था। जांच में डोडों पर पांच से छह चीरे पाए गए। वहीं करीब दो किलो अफीम लेटेक्स भी बरामद किया गया।
7 आरोपी हिरासत में, सरगना की तलाश
त्रिपुरी मामले में पुलिस ने जशपुर जिले के राझाडीपा निवासी भाजपा नेता और पूर्व सरपंच जिरमल राम समेत सात लोगों को हिरासत में लिया है। खेत लीज पर देने वाले ग्रामीण रूपदेव भगत और कौशल भगत को भी पकड़ा गया है। इसके अलावा झारखंड के चार लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। मामले के मुख्य सरगना की तलाश में पुलिस टीम झारखंड रवाना हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कुसमी क्षेत्र में अफीम मिलने के बाद पटवारियों और कोटवारों को सतर्क किया गया था। उसी के बाद खजूरी पंचायत में भी अवैध खेती की जानकारी सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले की तस्दीक कर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
