बिलासपुर; बुके नहीं, कॉपी-पेन लाएं’..जन्मदिन पर बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह की अनूठी पहल, जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचेगी शिक्षा की रोशनी;फूलों की जगह शिक्षा का उपहार, शुभचिंतकों ने भी सराहा अभिनव प्रयास!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जन्मदिन पर फूलों के बुके और महंगे गुलदस्ते स्वीकार करने की परंपरा को बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने एक नई दिशा दी है। इस बार उन्होंने अपने शुभचिंतकों से बुके की जगह कॉपी, पेन और अन्य शैक्षणिक सामग्री लाने की अपील की। एसएसपी की इस अनूठी पहल को लोगों ने खुले दिल से स्वीकार किया और बड़ी संख्या में शुभकामना देने पहुंचे लोगों ने फूलों की बजाय शिक्षा सामग्री भेंट की। इस अवसर पर एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा का उजाला पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि अक्सर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को कॉपी-पेन जैसी बुनियादी शैक्षणिक सामग्री के अभाव में पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे बच्चों की मदद के लिए उन्होंने जन्मदिन को समाजसेवा से जोड़ने का निर्णय लिया। एसएसपी ने बताया कि इस पहल का सुझाव आर्यन फिल्म के निर्माता रामानंद तिवारी ने दिया था। सुझाव को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए उन्होंने सभी शुभचिंतकों से आग्रह किया कि वे बुके और गुलदस्तों पर खर्च करने के बजाय कॉपी, पेन और अन्य अध्ययन सामग्री लेकर आएं, ताकि इन्हें जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि शुभकामनाओं का सबसे अच्छा उपहार वही है, जो किसी के भविष्य को संवारने में काम आए। एक कॉपी और एक पेन किसी बच्चे की शिक्षा की राह आसान बना सकते हैं। उन्होंने समाज के सभी लोगों से इस तरह की पहल को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने किसी विशेष अवसर को समाजहित से जोड़ दे, तो अनेक जरूरतमंद बच्चों का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता है। एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि जन्मदिन पर प्राप्त होने वाली सभी कॉपी, पेन और अन्य शैक्षणिक सामग्री का वितरण स्वयं जरूरतमंद और गरीब बच्चों के बीच किया जाएगा, ताकि वे बिना किसी अभाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। एसएसपी की इस पहल की शहरभर में सराहना हो रही है। जन्मदिन की शुभकामनाएं देने पहुंचे छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी, समाजसेवी नेहा साहू, आर्यन फिल्म के निर्माता रामानंद तिवारी सहित अनेक सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और शुभचिंतकों ने इस प्रयास को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करते हैं। कई लोगों ने भविष्य में भी अपने निजी आयोजनों को इसी तरह समाजहित से जोड़ने का संकल्प लिया। एसएसपी रजनेश सिंह की यह पहल न केवल जन्मदिन मनाने का एक नया संदेश देती है, बल्कि यह भी बताती है कि छोटे-छोटे प्रयासों से जरूरतमंद बच्चों के जीवन में शिक्षा की नई रोशनी पहुंचाई जा सकती है।
