बिलासपुर शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे डीईओ विजय टांडे; जांच समिति पर भी उठे सवाल!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति, अटैचमेंट, प्रमोशन और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) विजय टांडे एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य अंकित गौरहा की शिकायत के बाद संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। हालांकि शिकायतकर्ता ने जांच समिति की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।अंकित गौरहा का कहना है कि जांच समिति में बिल्हा के बीईओ भूपेंद्र कौशिक को शामिल किया गया है, जो डीईओ के अधीनस्थ अधिकारी हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि एक अधीनस्थ अधिकारी अपने वरिष्ठ के खिलाफ निष्पक्ष रिपोर्ट कैसे दे पाएगा। गौरहा ने चेतावनी दी है कि यदि जांच समिति में बदलाव नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, बिलासपुर ने 6 मार्च को जारी आदेश में अनुकंपा नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई है। इस टीम में जांजगीर-चांपा के डीईओ अशोक सिन्हा, जेडी कार्यालय बिलासपुर के जे.के. शास्त्री और बिल्हा के बीईओ भूपेंद्र कौशिक को शामिल किया गया है। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले भी विजय टांडे पर रिश्वत मांगने के आरोप लग चुके हैं। जब वे कोटा में बीईओ पद पर पदस्थ थे, तब एक महिला ने अपने मृत शिक्षक पति के रुके हुए वेतन और अन्य भुगतान के एवज में 1.35 लाख रुपए रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। उस मामले में भी कलेक्टर के निर्देश पर जांच समिति बनाई गई थी, जिसमें भूपेंद्र कौशिक सदस्य थे और जांच के बाद टांडे को क्लीनचिट दे दी गई थी।इसके अलावा कोटा बीईओ रहते हुए टांडे पर वित्तीय अनियमितता के भी गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि भृत्य देवेंद्र कुमार पालके को 4,95,420 रुपए वेतन और 3,54,000 रुपए वर्दी धुलाई भत्ता का भुगतान किया गया। जांच में सामने आया कि भृत्य को गोपनीय मेकर और चेकर आईडी देकर वित्तीय शक्तियां दी गई थीं, जिससे वेतन बिल तैयार कर लाखों रुपए की निकासी की गई। इस मामले में कोटा थाने में भृत्य देवेंद्र कुमार पालके और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं संचालनालय कोष और लेखा के निर्देश पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी द्वारा की गई जांच में तत्कालीन बीईओ विजय टांडे के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी की गई है। शिकायतकर्ता अंकित गौरहा ने आरोप लगाया है कि जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों को बचाने के लिए किसी तरह की साजिश की गई तो संयुक्त संचालक कार्यालय का घेराव किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर मामले को न्यायालय तक ले जाया जाएगा।
