बिलासपुर के मंगला अपार्टमेंट में भीषण आग; दमकल की घंटों मशक्कत के बाद पाया गया काबू!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) बिलासपुर के मंगला क्षेत्र स्थित गजमोहिनी अपार्टमेंट में रविवार तड़के भीषण आग लग गई। घटना सुबह करीब 5 बजे की है, जब अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित इलेक्ट्रॉनिक सामान के गोदाम में अचानक आग भड़क उठी। आग लगते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। बताया जा रहा है कि अपार्टमेंट में कुल 48 फ्लैट हैं, हालांकि इनमें कितने परिवार रह रहे हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि रिहायशी अपार्टमेंट का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। ग्राउंड फ्लोर पर बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक सामान का गोदाम संचालित किया जा रहा था, जो नियमों के विरुद्ध है। नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा कि रिहायशी भवन में इस प्रकार का गोदाम चलाना अवैध है। उन्होंने बताया कि गोदाम संचालकों से संबंधित दस्तावेज मांगे जाएंगे और नियम उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, शहर के सभी अपार्टमेंट का सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। सुबह सबसे पहले गोदाम में काम कर रहे कर्मचारियों ने धुआं उठते देखा। प्रत्यक्षदर्शी दिनेश कुमार मिश्रा के अनुसार, शुरुआत में हल्का धुआं दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जब तक दमकल को सूचना दी गई, तब तक लपटें तेजी से फैल चुकी थीं। घटना स्थल पर शुरुआत में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं था और मौके पर मौजूद लोगों की संख्या भी कम थी, जिससे प्रारंभिक प्रयास असफल रहे। सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। फायर अधिकारियों ने बताया कि गोदाम का आकार बड़ा है और अंदर जाने का रास्ता बेहद संकरा है। धुआं और तेज गर्मी के कारण भीतर प्रवेश करना मुश्किल हो गया था। स्थिति को देखते हुए दीवार तोड़कर अंदर पहुंचने का प्रयास किया गया। आग में लाखों रुपये का इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर खाक हो गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
