BilaspurChhattisgarhRaftaar News CgSipat

सीपत चक्काजाम; सड़क और स्कूल अतिक्रमण हटाने की मांग पर हजारों आदिवासियों का प्रदर्शन..डेढ़ घंटे तक थमा रहा सीपत-बलौदा मार्ग, प्रशासन के आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के वनांचल ग्रामों के लोगों ने मंगलवार को अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर सीपत–बलौदा मुख्य मार्ग स्थित खम्हरिया बस स्टैंड चौक में करीब डेढ़ घंटे तक चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क निर्माण और जेवरा स्कूल से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण एकत्र हुए तथा राज्य सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम सीपत तहसीलदार सोनू अग्रवाल को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जेवरा के अहाता के भीतर दीपक पटेल द्वारा अवैध कब्जा कर बाड़ी बनाकर सब्जी उगाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार मना करने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। उन्होंने जनदर्शन में जिला कलेक्टर को दिए गए आवेदन का भी उल्लेख किया और शीघ्र कार्रवाई की मांग की। दूसरी प्रमुख मांग खम्हरिया से जेवरा नयापारा तक लगभग 12 किलोमीटर सड़क निर्माण को लेकर रही। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 वर्ष पहले बनी यह सड़क वर्षों से जर्जर अवस्था में है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण बरसात में आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उनका कहना था कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो मरम्मत हुई और न ही नई सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल की गई। आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष देव सिंह पोर्ते ने कहा कि यदि आदिवासी समाज को अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो प्रदेश में आदिवासी हितैषी सरकार होने का दावा खोखला प्रतीत होता है। वहीं घनश्याम नेताम ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि शहरों की सड़कें प्राथमिकता से बनती हैं, जबकि गांवों की सड़कों के लिए लोगों को आंदोलन करना पड़ता है। चक्काजाम के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे सीपत तहसीलदार सोनू अग्रवाल और सीपत थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी।

लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी राघवेंद्र सूर्यवंशी ने एक माह के भीतर सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया। जेवरा स्कूल में अतिक्रमण के संबंध में तहसीलदार सोनू अग्रवाल ने बताया कि मामला न्यायालय में लंबित है और नियमानुसार शीघ्र समाधान किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं में विशेष आक्रोश देखने को मिला, हालांकि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण रहा। प्रशासनिक आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई और अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

YOUTUBE RAFTAAR NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Latest
बिलासपुर में हॉकी का महाकुंभ; 25 से 27 सितंबर तक चलेगी हॉकी प्रीमियर लीग..मैदान में भिड़ेंगी 6 टीमें... बेलतरा में विकास का डबल धमाका; दो दिन में 32.61 करोड़ के कामों को मिली रफ्तार..6 पंचायतों में करोड़ो... बिलासपुर स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला; संचालन, रखरखाव, बेहतर उपयोग और दीर्घकालिक स्थायि... संगठन सृजन के बाद बिलासपुर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन; विजय जांगिड़ ने ली शहर संगठन की पहली बैठक... चुनावी रंजिश में उपसरपंच को धमकी; पैसे मांगकर इस्तीफा देने का बनाया दबाव..जान से मारने की धमकी देने ... लिव-इन पार्टनर पर शादी का दबाव और धमकी का आरोप, आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में महिला... NTPC सीपत में नौकरी, पहचान निकली बांग्लादेशी; 19 साल से बिलासपुर में रह रहा था अतीक हुसैन..STF ने दब... महादेव सट्टा ऐप केस में CBI का बड़ा एक्शन : दुबई से लौटते ही हैदराबाद एयरपोर्ट पर वॉन्टेड आरोपी अभिष... स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ प्रभारी बनने पर भूपेश बघेल का तंज : बोले- वे घायल शेरनी हैं, अब देखें किसे... झीरम मामले पर CM साय का बड़ा बयान : बोले- 13 साल चली सुनवाई, 100 से ज्यादा गवाहों के बयान के बाद आया ...