कोटवार की लालच: मुड़पार के कोटवार ने 30000 में बेचकर करा दी कुटी आश्रम के वृक्षों की कटाई…? वन विभाग टीम ने की कार्यवाही…!

सीपत:- (प्रांशु क्षत्रिय) रविवार को वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कुमार निशांत को मुखबिर से सूचना मिली कि वन परीक्षेत्र बिलासपुर के सीपत परिवृत्त अंतर्गत ग्राम मुड़पार में कुछ वृक्षों की अवैध कटाई की गई है, अधिकारियों द्वारा संबंधित परिक्षेत्र सहायक सीपत अजय बेन को कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।

बताते चलें कि ग्राम मुड़पार में कोटि आश्रम स्थित है, जो बाबा स्वर्गीय राघव नंदी महाराज के मालिकाना हक में हैं। वहां पर विभिन्न प्रजाति के वृक्ष जिसमें अर्जुन, जामुन, सेमल, पलाश, बबूल, सागौन के लगभग 70 वृक्ष हैं। जिसको अवैध रूप से ग्राम मुड़पार के कोटवार मानिक दास पिता स्व. दुखी दास उम्र 60 वर्ष के द्वारा ग्राम एरमसाही निवासी अशोक कुमार टंडन पिता स्व. राम जी उम्र 44 वर्ष के पास 30000 रुपये में बेच दिया गया है, जिसमें 10000 रुपये बयाना पाकर कोटवार मानिकदास ने वृक्षों को काटने की मौखिक अनुमति क्रेता अशोक को दे दी, जिससें क्रेता अशोक कुमार टंडन द्वारा मौके पर पांच वृक्षों को काट दिया गया। मुखबिरों ने इस घटना से वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जिनके मार्गदर्शन में परिक्षेत्र सहायक सीपत द्वारा आकर घटना की जानकारी लेकर क्रेता एवं विक्रेता का गवाहों के समक्ष बयान दर्ज किया गया जिसमें आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया। उक्त प्रकरण में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52, छत्तीसगढ़ परिवहन नियम 2001, छत्तीसगढ़ वन उपज अधिनियम 1969 एवं वृक्ष कटाई के नियम 2022 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही की गई।
संपूर्ण कार्यवाही में ग्राम मुड़पार के नागरिक आशीष बाकरे, रिंकू जायसवाल, संतोष यादव एवं उपसरपंच यादव और अन्य गणमान्य नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान है।



















