बिलासपुर; पुराना बस स्टैंड के लॉजों पर निगम का धावा; रामेश्वरम लाज सील, शर्मा और कृष्णा की फाइलें जब्त..कम रेट में कमरे, दस्तावेजों की अनदेखी, निगम ने पकड़ी गड़बड़ी!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) पुराना बस स्टैंड स्थित निराला नगर में लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल और लॉज संचालकों की मनमानी पर शिकंजा कस दिया। निगम की टीम ने तीन प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी कर एक लॉज को मौके पर सील कर दिया, जबकि दो अन्य के दस्तावेज जब्त कर पंचनामा कार्रवाई की गई। कार्रवाई की खबर फैलते ही क्षेत्र के होटल संचालकों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार निगम की टीम दोपहर करीब एक बजे अचानक शर्मा लॉज पहुंची। जांच के दौरान रजिस्टर और दस्तावेजों की पड़ताल शुरू होते ही संचालिका ने विरोध जताया और निगम अमले को बाहर जाने तक कह दिया। इसके बावजूद टीम ने जांच जारी रखी। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान कुछ संदिग्ध सामग्री भी सामने आई है, जिसकी अलग से पड़ताल की जा रही है। जांच में यह भी पाया गया कि स्थानीय युवक-युवतियों को कमरे कम रेट में उपलब्ध कराए जा रहे थे। इसके बाद निगम की टीम कृष्णा लॉज पहुंची, जहां जांच के दौरान बिलासपुर की एक विवाहित महिला और बलौदाबाजार के युवक के ठहरे होने की जानकारी मिली। दोनों के दस्तावेज जब्त कर रिकॉर्ड की जांच की गई। होटल प्रबंधन के दस्तावेजों को भी कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया गया। कार्रवाई के दौरान रामेश्वर लॉज में सबसे गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। यहां आवश्यक अनुमति और दस्तावेज अधूरे पाए गए। साथ ही फायर सेफ्टी सहित कई अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए निगम ने तत्काल प्रभाव से लॉज को सील कर दिया।
न पार्किंग की जगह, न फायर सेफ्टी का अता-पता; संकरी गलियों में बना रखा है ‘मौत का जाल’
निगम के नियमों और मानवीय संवेदनाओं को ठेंगा दिखाकर चलाए जा रहे इन होटलों में सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खिलवाड़ हो रहा था। इस कड़ी में जब निगम की टीम ‘रामेश्वरम लॉज’ पहुंची, तो वहां का सच देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। यह होटल बिना किसी वैध अनुमति के धड़ल्ले से संचालित हो रहा था। सबसे गंभीर बात यह है कि होटल में फायर सेफ्टी का कोई नामोनिशान नहीं था। होटलों के भीतर कमरों तक जाने का रास्ता इतना छोटा और संकरा है कि यदि कल को कोई बड़ा हादसा या आगजनी हो जाए, तो भगदड़ में दम घुटने से कई मासूमों की जान जाना तय है। इसके अलावा सड़कों को जाम कर कमाई करने वाले इन तीनों लॉज में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इस जानलेवा लापरवाही को देखते हुए निगम की टीम ने बिना कोई मोहलत दिए रामेश्वर लॉज को मौके पर ही सील कर ताला जड़ दिया।
इन इलाकों में भी फल-फूल रहा है अवैध धंधा…..
शहर के गली-मोहल्लों और रिहायशी कॉलोनियों को इन मुनाफाखोरों ने गंदा कर रखा है। स्थानीय निवासियों की शिकायत के अनुसार बिलासपुर के कोनी, विद्या नगर, दयालबंद, मंगला, शुभम बिहार, अज्ञेय नगर, 27 खोली, राजकिशोर नगर और तोरवा जैसे इलाकों में भी अनेकों ऐसे होटल और हॉस्टल्स खुल गए हैं। यहाँ कम रेट का लालच देकर बिना पुख्ता आईडी और दस्तावेजों के नाबालिग छात्र-छात्राओं और प्रेमी जोड़ों को रूम दिए जाते हैं, जिससे आए दिन रहवासी परेशान होते हैं और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
अंकुर पांडेय, निगम उपायुक्त बिलासपुर…
यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों से मिले सख्त और स्पष्ट निर्देशों के बाद की गई है। शहर के शांत और रिहायशी इलाकों में किसी भी सूरत में अनैतिक कृत्य और अवैध व्यापार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन होटलों में पार्किंग नहीं है, सुरक्षा मानक अधूरे हैं या जो बिना अनुमति के अवैध गतिविधियां संचालित कर रहे हैं, उनके खिलाफ नगर निगम का यह कड़ा अभियान आगे भी बिना रुके निरंतर जारी रहेगा।
