संभाग के कोटवार अपनी मांगों को लेकर उतरे सड़क पर…! 5000 की संख्या में कोटवारों ने किया बिलासपुर कलेक्ट्रेट का घेराव…?

बिलासपुर:- (शेख असलम की रिपोर्ट) संभाग के 5000 से अधिक कोटवारों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए नियमितीकरण तथा राजस्व विभाग में संविलियन करने तथा मालगुजारी भूमि का मालिकाना हक देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

कोटवार एसोसिएशन आफ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय महामंत्री प्रेम दास मानिकपुरी तथा नागेश्वर सिंह चौहान ने बताया कि राज्य सरकार ने 23 फरवरी 2019 को पाटन सम्मेलन में कोटवारों ने नियमितीकरण करने के लिए राजस्व विभाग में संविलियन करने तथा मालगुजारी भूमि का मालिकाना हक दिलाने भू राजस्व संहिता में संशोधन करने की मांग को पूरा करने ज्ञापन दिया था, जिसमें राज्य सरकार ने भरोसा भी दिलाया था। आजादी के पूर्व से कोटवार ही शासन की अंतिम कड़ी के रूप में ग्रामीण स्तर पर पूरी सेवा देते आ रहे हैं। लेकिन विडंबना है कि कोटवारों को आज तक नियमित कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं हो पाया। चुनाव के पूर्व कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कहा था लेकिन अभी तक कोटवारों का पक्ष नहीं रखा गया। वर्तमान बजट में बढ़े मानदेय कम मिलने से भी कोटवारों ने नाराजगी जताई और मुख्यमंत्री से मांग की है कि कोटवारों का मानदेय बढ़ाया जाए तथा जब तक नियमितीकरण नहीं हो जाता तब तक कोटवारों को कलेक्टर दर पर भुगतान करने के साथ ही नियमितीकरण की कार्रवाई की जाए। मामूली मानदेय बढ़ने से कोटवारों में कोई खुशी नहीं है। इस दौरान बिलासपुर संभाग के हर जिलों से 5000 की संख्या में कोटवार उपस्थित थे।

