बिलासपुर; मोपका में बिजली करंट से दो गौवंशों की मौत: बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप, गौ सेवकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) मोपका चौकी क्षेत्र के चिल्हाटी मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के पास बुधवार सुबह करंट लगने से दो गौवंशों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। गौ सेवा से जुड़े लोगों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चिल्हाटी मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के पास एक विद्युत खंभे में अचानक करंट प्रवाहित हो गया। इसकी चपेट में आने से दो गौवंशों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गौ सेवा दल के सदस्य मौके पर पहुंचे और मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की। गौ सेवा दल के अभिषेक शर्मा ने कहा कि बरसात के मौसम में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन बिजली विभाग आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण बेजुबान पशुओं की जान जा रही है। उन्होंने मांग की कि विद्युत खंभों और खुले तारों की नियमित जांच कराई जाए तथा जहां करंट रिसाव की आशंका हो, वहां तत्काल सुधार कार्य कराया जाए। गौ सेवकों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली विभाग ने समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए तो भविष्य में और भी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने विभाग से दोषियों की जिम्मेदारी तय करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
बिजली विभाग ईडी, ए.के. अम्बस्ट…....
घटना की जानकारी मिलते ही बसंत विहार के सहायक अभियंता कंगाले को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान संबंधित विद्युत खंभे में करंट प्रवाहित नहीं पाया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि खंभा तिरछा था, जो संभवतः किसी वाहन की टक्कर के कारण क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और गौवंशों की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
बरसात आते ही बढ़ती है घटनाएं, चलेगा जागरूकता कार्यक्रम: ईडी, ए.के. अम्बस्ट …….
बरसात के दौरान इस तरह की घटनाओं की आशंका बढ़ने के सवाल पर ईडी ने कहा कि विभाग संवेदनशील स्थानों पर लगे विद्युत खंभों और लाइनों की लगातार जांच करा रहा है। जहां भी कोई तकनीकी खामी या खतरा सामने आएगा, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों को विद्युत सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
