बिलासपुर; जेसीसीजे 2.0 के साथ 2028 की तैयारी में जनता कांग्रेस : अमित जोगी बोले— अब चलेगा ‘बेटा बचाओ’ अभियान!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने प्रदेश की राजनीति में नए तेवर के साथ वापसी का संकेत देते हुएजेसीसीजे 2.0 की शुरुआत का ऐलान किया है। बुधवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी की सर्वोच्च नेता डॉ. रेणु जोगी, पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी और युवा प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर उपाध्याय ने 2028 विधानसभा चुनाव के लिए नई रणनीति और संगठनात्मक ढांचे की घोषणा की। पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि जनता कांग्रेस अब केवल किसी परिवार की पार्टी नहीं, बल्कि आम जनता की आवाज़ बनकर काम करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, नशाखोरी और अपराध सबसे बड़ी चुनौती हैं। इसी को देखते हुए पार्टी अब ‘बेटी बचाओ’ के साथ ‘बेटा बचाओ’ अभियान भी चलाएगी, ताकि नशे और बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं तथा उनके परिवारों की आवाज़ उठाई जा सके। अमित जोगी ने कहा कि पार्टी चुनावी तैयारियों से पहले गांव-गांव और शहर-शहर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाएगी। उन्होंने चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश की चुनाव व्यवस्था कुछ लोगों के प्रभाव में है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के नेताओं को पत्र लिखकर ईवीएम आधारित चुनावों के बहिष्कार पर विचार करने की अपील की गई है। कांग्रेस में संभावित विलय के सवाल पर अमित जोगी ने स्वीकार किया कि इस संबंध में कांग्रेस नेतृत्व से पत्राचार हुआ था, लेकिन विलय नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने कहा कि राजनीति में संवाद के रास्ते हमेशा खुले रहते हैं। प्रेस वार्ता के दौरान अमित जोगी ने भाजपा और राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा का पूरा ध्यान केवल चुनाव जीतने पर केंद्रित है। वहीं उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार बाहरी प्रभाव में काम कर रही है। डॉ. रेणु जोगी ने कहा कि जेसीसीजे 2.0 नई सोच, नए विजन और नई कार्ययोजना के साथ जनता के बीच जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के हर वर्ग की आवाज़ बनना और प्रदेश के मुद्दों को मजबूती से उठाना है। युवा प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर उपाध्याय ने कहा कि पार्टी युवाओं को संगठन से जोड़कर 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत जनाधार तैयार करेगी। जनता कांग्रेस ने जेसीसीजे 2.0 के जरिए खुद को प्रदेश में एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश की है।
