एनटीपीसी सीपत में ट्रेन से कटकर ठेकाकर्मी की मौत..3 घंटे तक चला प्रदर्शन, 50 हजार की मुआवजे में शांत हुए परिजन, आश्रित को मिलेगा काम!

बिलासपुर: (सूरज पाटले) एनटीपीसी सीपत में बुधवार शाम ड्यूटी से लौटते समय एक ठेकाकर्मी ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। घटना के बाद देर रात तक परिजनों को सूचना न मिलने पर भारी नाराज़गी फैल गई। परिजनों ने गुरुवार को एनटीपीसी एचआर गेट के बाहर मुआवज़े की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम देवरी निवासी सुरेश वस्त्रकार पिता दुखीराम उम्र 43 वर्ष एनटीपीसी सीपत के एमजीआर विभाग में राइटस कंपनी के तहत गैंगमैन हेल्पर के रूप में कार्यरत था। बुधवार शाम करीब 5 बजे कोयला छनाई का काम पूरा करने के बाद उसने अटेंडेंस भरी और साथी कर्मचारियों के साथ ड्यूटी प्वाइंट से निकला। साथी घर पहुंच गए, लेकिन सुरेश रातभर घर नहीं लौटा। चिंतित परिवारजन तलाश करते हुए देर रात करीब 1 बजे एनटीपीसी पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि सुरेश की मौत ट्रेन से कटने पर हो गई थी और शव सीपत हॉस्पिटल की मर्चुरी में रखा गया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि एनटीपीसी प्रबंधन ने घटना की सूचना जानबूझकर छिपाई और परिवार को बताए बिना शव अस्पताल भेज दिया। उनका कहना है कि सुरेश का पारिवारिक विवाद नहीं था, इसलिए आत्महत्या पर संदेह है। वहीं एनटीपीसी प्रबंधन ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है। पुलिस जांच जारी है। परिजनों ने सीपत पुलिस पर भी आरोप लगाया कि बिना पंचनामा के ही शव को उठवा लिया गया, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवज़े की मांग रखी, जिसके बाद एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा 50 हजार रुपये की नगद सहायता राशि दी गई। साथ ही लिखित आश्वासन दिया गया कि पीएफ और ईएसआईसी के तहत मिलने वाले सभी लाभ प्रदान किए जाएंगे और 3 महीने के भीतर मृतक के आश्रित को नौकरी दी जाएगी। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद स्थिति सामान्य हुई। सीपत थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं पर निष्पक्ष जांच जारी है। परिजन घटना को संदेहास्पद मानते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


















