मस्तूरी; जनसुनवाई पर दाग, लेन-देन का वीडियो बना मुद्दा..वीडियो ने खोली जनसुनवाई की परतें, पारदर्शिता पर सवाल!

बिलासपुर: (भारतेन्दु कौशिक) जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत पचपेड़ी तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित जोंधरा रेतघाट की जनसुनवाई अब विवादों में घिर गई है। जनसुनवाई के दौरान कथित रूप से पैसों के लेन-देन का एक वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनसुनवाई की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कुकुर्दीकला स्थित धान उपार्जन केंद्र मैदान में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा रेत खनन परियोजना को लेकर जनसुनवाई आयोजित की गई थी। प्रस्तावित योजना के तहत लगभग 11 हेक्टेयर क्षेत्र में रेत खनन के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति ली जानी थी, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 99 हजार घनमीटर बताई गई है। इसी दौरान सामने आए कथित वीडियो में भाजपा नेता और जनप्रतिनिधियों के बीच पैसों के लेन-देन का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो में मस्तूरी क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधि और एक भाजपा नेता के बीच नगद लेन-देन दिख रहा है, जिसे लेकर “सेटलमेंट” के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इस वीडियो की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं भाजपा नेता चंद्रप्रकाश सूर्या ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे निजी लेन-देन बताया है। उनका कहना है कि वीडियो को गलत संदर्भ में प्रस्तुत कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। इधर स्थानीय ग्रामीणों ने भी जनसुनवाई प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया महज औपचारिकता बनकर रह गई थी और निर्णय पहले से तय था। कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि समर्थन जुटाने के लिए पैसे और भोजन का लालच दिया गया। साथ ही, बिना हस्ताक्षर वाले पर्चे बांटकर रोजगार दिलाने के वादे किए गए, जिसे ग्रामीणों को गुमराह करने की कोशिश बताया जा रहा है। मामला अब सियासी रंग ले चुका है और जांच की मांग तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो की जांच कर क्या कार्रवाई की जाती है।
