बाल सुधार गृह से फिर फरार हुए नाबालिग, 26 दिनों में दूसरी बड़ी चूक…..

दुर्ग: (प्रांशु क्षत्रिय) पुलगांव स्थित बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 28 नवंबर की रात यहां से 7 अपचारी नाबालिग दीवार फांदकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम सक्रिय हुई और अगले दिन 4 बच्चों को आसपास के इलाकों से पकड़ लिया गया। लेकिन अब भी 3 नाबालिगों का कोई पता नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार बच्चे दुर्ग जिले की सीमा पार कर चुके हैं, जिनकी तलाश जारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह घटना पहली नहीं है। इसी केंद्र से 3 नवंबर को भी 3 नाबालिग फरार हुए थे, जिनमें हत्या और लूट के मामलों में शामिल बच्चे भी थे। सिर्फ 26 दिन के भीतर दो बार सुरक्षा में सेंध लगना विभागीय लापरवाही की साफ तस्वीर पेश करता है। पुलिस भी बार-बार होने वाली इन घटनाओं से परेशान है, क्योंकि हर बार बच्चों को ढूंढने में भारी समय और संसाधन खर्च होते हैं। घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब लेने की कोशिश की गई, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकुमार जांभुलकर और बाल विकास अधिकारी अजय साहू ने न तो फोन उठाया, न ही वापस कॉल किया। लगातार फरारी, कमजोर सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय चुप्पी ने पुलगांव बाल सुधार गृह की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
