अमित बघेल की तलाश में पुलिस का बड़ा एक्शन, कई राज्यों तक दबिश, विवादित बयान से बढ़ा बवाल…..

रायपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपने परिचितों के घरों में छिपता फिर रहा है। इसी सिलसिले में पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना से जुड़े शिवेंद्र वर्मा (निवासी सड्डू) और अजय यादव के धरमनगर, टिकरापारा स्थित घरों पर दबिश दी है। दोनों से पूछताछ जारी है। वहीं, पुलिस की कई टीमें राज्य के विभिन्न जिलों सहित अन्य राज्यों में भी उसकी खोजबीन कर रही हैं।
विवादित बयान के बाद बढ़ा मामला…..
छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ प्रकरण के बाद अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के इष्ट देवता झूलेलाल जी पर विवादित टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने रायपुर के दो थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई। इसके अलावा अमित बघेल पर रायपुर, दुर्ग, धमतरी, इंदौर, ग्वालियर, नोएडा, महाराष्ट्र और प्रयागराज सहित कई जगहों पर मामले दर्ज हैं। विकास पाठक उर्फ ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ ने भी वीडियो जारी कर बघेल को लताड़ लगाई और कहा कि “ऐसे लोगों की वजह से हिंदू धर्म बदनाम होता है।”
मूर्ति तोड़ने वाला आरोपी गिरफ्तार…..
रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा तोड़े जाने के बाद शहर में तनाव की स्थिति बन गई थी। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। हंगामे के अगले दिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मनोज सतनामी नामक आरोपी को राम मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मानसिक रूप से बीमार बताया गया है और उसने घटना को नशे की हालत में अंजाम देने की बात कबूल की है।
समाज ने की कड़ी निंदा….
छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दाऊ अनुराग अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने मूर्ति तोड़ने वाले आरोपी पर तत्काल कार्रवाई की, लेकिन इसके बीच क्रांति सेना के नेताओं द्वारा दिए गए अनर्गल बयान से समाज आहत है। उन्होंने अग्रसेन महाराज और अग्रवाल समाज के ऐतिहासिक योगदान का भी उल्लेख किया।
छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का महत्व….
तेलीबांधा स्थित छत्तीसगढ़ महतारी उद्यान में स्थापित प्रतिमा का अनावरण वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया था। प्रतिमा में लुगरा परिधान में मातृ स्वरूपा महिला दर्शाई गई है। एक हाथ में धान की बालियां, दूसरे में दीपक—ये राज्य की कृषि संस्कृति, ज्ञान, शांति और समृद्धि का प्रतीक हैं।
