सीपत; टॉर्च की रोशनी में हुआ घायल का इलाज, 80 गांवों का सहारा बना स्वास्थ्य केंद्र खुद बदहाल..डॉक्टर नहीं मिले, बिजली भी रही गुल: गंभीर घायल को प्राथमिक उपचार के बाद सिम्स रेफर, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के सीपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। रविवार देर रात एक गंभीर रूप से घायल युवक के उपचार के दौरान अस्पताल में बिजली नहीं होने और डॉक्टर के मौजूद नहीं रहने का आरोप सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल का कर्मचारी मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में घायल का प्राथमिक उपचार करता दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार ग्राम राख निवासी अनिल कुमार सूर्यवंशी के ठुड्डी में गंभीर चोट लगने के बाद रविवार देर रात करीब 12 बजे परिजन उन्हें उपचार के लिए सीपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था और स्वास्थ्य केंद्र का संचालन केवल स्टाफ एवं सहायक कर्मचारियों के भरोसे हो रहा था। काफी देर तक इलाज के इंतजार के बाद मौजूद कर्मचारी ने घायल का प्राथमिक उपचार किया। परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल में उस समय बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। अंधेरा होने के कारण मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर घायल के जख्म को अस्थायी रूप से कवर किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर इलाज की सुविधा नहीं होने का हवाला देते हुए घायल को सिम्स, बिलासपुर रेफर कर दिया गया। गौरतलब है कि सीपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर क्षेत्र के लगभग 80 गांवों की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर बताई जाती है। लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण इस स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टरों की कमी, सीमित संसाधन और पर्याप्त सुविधाओं के अभाव के कारण अधिकांश गंभीर मरीजों को सिम्स या जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। ग्रामीणों और परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने, बिजली सहित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सीपत स्वास्थ्य केंद्र को शीघ्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत करने की मांग की है।
