बेलतरा में जब्त रेत को ‘खपाने’ का खेल? तहसीलदार के नाम पर रेत उठाने का आरोप..नोटरीकर्मी पर जेसीबी से रेत उठवाकर निजी जगह डंप कराने का दावा, तहसीलदार बोलीं..मामले की पूरी जानकारी बाद में दूंगी!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) बेलतरा तहसील क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए रेत को कथित रूप से तहसीलदार के नाम पर निजी उपयोग के लिए उठाकर डंप कराने का मामला सामने आया है। मामले से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्रवाई और जब्त रेत के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम लखराम के तेलीपारा निवासी गौरीशंकर साहू ने आरोप लगाया है कि उसने अपने घर के निर्माण के लिए पिछले तीन-चार वर्षों में करीब 10 ट्रैक्टर रेत एकत्र कर अपने जमीन में डंप कर रखा था। आरोप है कि शनिवार को तहसील कार्यालय में नोटरी का काम करने वाले सुरेश यादव वहां पहुंचे और तहसीलदार मनीषा झा के निर्देश का हवाला देते हुए रेत को जब्त करने की कार्रवाई की। गौरीशंकर साहू के अनुसार शनिवार शाम करीब 5 बजे एक हाइवा और जेसीबी की मदद से उसके घर के बाहर रखी रेत को उठवाकर उच्चभट्ठी स्थित सुरेश यादव के घर के पास डंप कराया गया। इस पूरी कार्रवाई का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति रेत खाली कराए जाने के दौरान सवाल करता नजर आ रहा है कि रेत कहां से लाई गई है। वीडियो में जवाब देने वाले व्यक्ति को सुरेश यादव का कथित ट्रैक्टर चालक आशीष यादव बताया जा रहा है। वीडियो में कथित रूप से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि तहसीलदार द्वारा जब्त की गई रेत अपने लोगों को दी गई है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरे घर से भी रेत उठाने का आरोप…….
गौरीशंकर साहू ने आरोप लगाया कि लखराम के साहू मोहल्ले में सब्जी बेचने का काम करने वाली प्रतिमा साहू के घर के पास से भी करीब 10 ट्रैक्टर रेत उठाई गई है। उनका आरोप है कि घर निर्माण के लिए निजी तौर पर रखी गई रेत को अवैध बताकर जब्त करने के बाद उसे कथित रूप से अन्य स्थान पर भेजा जा रहा है। गौरीशंकर साहू का दावा है कि रेत जब्ती के दौरान मौके पर कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था और न ही जब्ती की कोई लिखित कार्रवाई की गई। उनके अनुसार, सुरेश यादव ने तहसीलदार के आदेश का हवाला देते हुए जेसीबी से रेत हाइवा में लोड कराई।
सेंट्रल जेल निर्माण में उपयोग का दिया गया हवाला…..
गौरीशंकर साहू के अनुसार, रेत उठाने के दौरान सुरेश यादव ने कथित रूप से कहा कि यह रेत अवैध रूप से डंप की गई है और तहसीलदार के निर्देश पर इसे सेंट्रल जेल के निर्माणाधीन कार्य में उपयोग के लिए भेजा जा रहा है। साथ ही लखराम एनीकट के पास रेत की रसीद काटे जाने की बात भी कही गई।
तहसीलदार बोलीं..पूरी जानकारी बाद में दूंगी!
मामले में तहसीलदार मनीषा झा से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि संबंधित बाबू के अवकाश पर होने के कारण फिलहाल यह जानकारी उपलब्ध नहीं है कि कितने ट्रिप रेत जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई हुई है और इसकी विस्तृत जानकारी माइनिंग विभाग से भी ली जा सकती है। तहसीलदार ने यह भी कहा कि इस संबंध में वे फिलहाल आधिकारिक रूप से जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं और अगले दिन पूरी जानकारी देने की बात कही। अब सवाल यह है कि यदि रेत वास्तव में जब्त की गई थी, तो उसकी जब्ती की विधिवत कार्रवाई कहां दर्ज है? जब्त रेत को किस आदेश के तहत और किस स्थान पर भेजा गया? क्या रेत को सरकारी निर्माण कार्य में उपयोग किया गया या निजी स्थान पर डंप कराया गया? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे। मामले में वायरल वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होने पर ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सकेगी।
