सीपत; लापता बेटे की संदिग्ध मौत..परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, एसपी से निष्पक्ष जांच की उठी मांग…पोस्टमार्टम में गंभीर चोटें; फिर भी पुलिस नहीं दर्ज कर रही हत्या का केस!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा निवासी सनोहरलाल सूर्यवंशी ने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर अपने बेटे राजेंद्र सूर्यवंशी (26) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर हत्या की आशंका जताई है और एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। सनोहरलाल ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे राजेंद्र सूर्यवंशी 13 जुलाई 2025 को घर से निकले थे और उसके बाद लापता हो गए। 14 जुलाई को सरकंडा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जबकि 15 जुलाई को उनका शव पचरीघाट, बिलासपुर में मिला। हालांकि परिवार ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई थी थाने द्वारा पंचनामा में इसे दर्ज नहीं किया गया और न ही परिजनों के बयान लिए गए। 06 अगस्त 2025 को जारी की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि मृतक के फेफड़े, हृदय, आंत, गुर्दे आदि अंगों पर गंभीर अंदरूनी चोटें थीं और सभी पसलियां टूटी हुई थीं। रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु का कारण यही गंभीर चोटें थीं, जो सामान्य डूबने से संभव नहीं मानी जा सकतीं। इसके बावजूद अब तक हत्या की एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और ना ही कोई निष्पक्ष जांच प्रारंभ की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए आवेदन में मृतक के पिता सनोहरलाल सूर्यवंशी ने मांग की हैं कि धारा 102 बी, 201, 34, 120 (बी) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर एफआईआर पंजीबद्ध की जाए। निष्पक्ष जांच हेतु विशेष जांच टीम गठित की जाए। गवाहों के बयान (धारा 161 व 184) के तहत तत्काल दर्ज हों। मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR), CCTV फुटेज, FSL और विसरा रिपोर्ट को सुरक्षित रखकर जांच में शामिल किया जाए और परिवार को पंचनामा, पोस्टमार्टम, इनक्वेस्ट और अन्य रिपोर्ट्स की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल……
इस पूरे मामले में पुलिस की निष्क्रियता और हत्या की स्पष्ट संभावनाओं के बावजूद एफआईआर दर्ज न किया जाना कई सवाल खड़े करता है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे उच्च अधिकारियों से लेकर न्यायालय तक गुहार लगाएंगे।
