छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ, बिलासपुर द्वारा सम्मान समारोह एवं संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन!

बिलासपुर: (अभिषेक पांडेय) छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ, बिलासपुर इकाई द्वारा 20 जुलाई रविवार को सम्मान समारोह एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में प्रदेशभर से वरिष्ठ, अनुभवी और सक्रिय आयुर्वेद चिकित्सक शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को संगठनात्मक एकता, विचार-विमर्श और सम्मान का सशक्त मंच बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ धन्वंतरि पूजन एवं वंदना के साथ हुआ। मंच पर उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक स्वागत पुष्पगुच्छ, माला और श्रीफल से किया गया। स्वागत भाषण में बिलासपुर जिलाध्यक्ष डॉ. अजय भारती ने कहा कि यह आयोजन केवल सम्मान का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संवाद का भी अवसर है। संगठन की असली शक्ति तभी सामने आती है जब सभी सदस्य एक दिशा में सोचते और कार्य करते हैं। हमें गर्व है कि हम आयुर्वेद की सेवा में लगे हैं और इसे सशक्त बनाने का यह साझा प्रयास है। प्रांताध्यक्ष डॉ. गदाधर पंडा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि संविदा साथियों के नियमितीकरण और चार स्तरीय वेतनमान की माँग लगातार शासन के समक्ष रखी जा रही है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत कार्यरत चिकित्सकों की समस्याओं के समाधान के लिए भी संघ गंभीर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि संघ केवल किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के हित की बात करता है। आयुर्वेद को केवल चिकित्सा पद्धति न मानकर जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना हमारा लक्ष्य है। संघ के संरक्षक डॉ. परस शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि संघ ने संघर्ष और विश्वास के साथ लंबा सफर तय किया है। यह यात्रा केवल मांगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सामाजिक और व्यावसायिक पहचान दिलाने की भी रही है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रवीण चंद्राकर ने संगठन की एकता पर जोर देते हुए कहा कि हीरा और जौराही दोनों की चमक संगठन को सुंदर और मजबूत बनाती है। अनुभवी और युवा साथियों की एकता ही संघ की असली ताकत है। कार्यक्रम के संवाद सत्र में बिलासपुर जिले के चिकित्सकों ने अपने अनुभव, समस्याएँ और सुझाव साझा किए। इस दौरान संघ की अब तक की उपलब्धियों की समीक्षा की गई और भविष्य की योजनाओं पर विचार किया गया। सम्मान समारोह में सभी आमंत्रित अतिथियों को साल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके योगदान और संगठन के प्रति निष्ठा का प्रतीक रहा। आयोजन को सफल बनाने में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ, बिलासपुर इकाई की सक्रिय और समर्पित भूमिका रही।
