BILASPUR; पेट दर्द का इलाज कराने आई, अस्पताल ने गर्भपात कर दिया..CIMS में खौफनाक लापरवाही, पांच माह का गर्भ खो चुकी गिरिजा बोली— तड़पती रही, कोई सुनने वाला नहीं! पढ़िए पूरी खबर………

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) में लापरवाही की सारी हदें पार हो गईं। पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आई गर्भवती महिला को डॉक्टरों ने अबॉर्शन का इंजेक्शन लगा दिया! पांच महीने की गर्भवती गिरिजा साहू अब अपना बच्चा खो चुकी है। गिरिजा अपने पति बद्री साहू के साथ इलाज कराने आई थी। इसी अस्पताल में एक और महिला कविता भर्ती थी, जिसके गर्भ में पल रहा बच्चा पहले ही मर चुका था। डॉक्टरों ने कविता को अबॉर्शन का इंजेक्शन लगाने का आदेश दिया था। लेकिन अस्पताल स्टाफ ने घोर लापरवाही बरतते हुए इंजेक्शन कविता के बजाय गिरिजा को लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही गिरिजा की तबीयत बिगड़ने लगी, तेज दर्द और ब्लीडिंग शुरू हो गई। वह तड़पती रही, परिजनों ने मदद की गुहार लगाई, लेकिन अस्पताल प्रशासन की बेरुखी जारी रही। जब डॉक्टरों को अपनी गलती का अहसास हुआ, तो स्टाफ को फटकार लगाई गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गिरिजा के परिवारवालों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया और दोषी स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं सिम्स के स्त्री रोग विभाग की HOD डॉ. संगीता जोगी ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि इलाज रिपोर्ट के आधार पर किया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने भी जांच के आदेश दिए और लापरवाही साबित होने पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सवाल उठता है……..
बिना सही पुष्टि किए इंजेक्शन कैसे लगाया गया?
क्या अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा का कोई मानक नहीं?
दोषियों पर सिर्फ जांच का नाटक होगा या सख्त कार्रवाई होगी?
इस अमानवीय लापरवाही ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। क्या दोषी सिर्फ चेतावनी पाकर बच निकलेंगे, या उन्हें उनके गुनाह की सजा मिलेगी? अब पूरा मामला प्रशासन के हाथ में है, लेकिन न्याय कब और कैसे मिलेगा, ये देखना बाकी है!
