कोटा; डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी के कर्मचारी की वेतनवृद्धि में धांधली..दो साल से भटक रहा प्रशिक्षक, मानसिक तनाव के बीच पिता के कैंसर इलाज की जद्दोजहद, खबर पढ़कर जानिए पूरा मामला!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय के प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र में कार्यरत प्रशिक्षक रितेश मिश्रा ने वेतनवृद्धि में लंबी अनदेखी और संस्थान के आश्वासनों के बावजूद न्याय न मिलने पर कुलसचिव को अंतिम आवेदन दिया है। रितेश का आरोप है कि जुलाई 2023 में आईसेक्ट पीएमकेके के सभी कर्मचारियों की वेतनवृद्धि हुई थी, लेकिन संभागीय प्रमुख शशिकांत वर्मा ने उनकी वेतनवृद्धि रोककर कहा कि आपकी बढ़ोतरी विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के साथ होगी। उस वक्त के कुलसचिव गौरव शुक्ला ने भी लिखित और मौखिक रूप से भरोसा दिलाया था कि वेतनवृद्धि सीवीआरयू के कर्मचारियों के साथ मिलेगी और पिछली बार की वृद्धि भी जोड़कर 20 फीसदी की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रितेश ने बताया कि एक साल तक इंतजार के बाद भी जब वेतनवृद्धि नहीं हुई, तब उन्होंने श्रम विभाग में शिकायत की थी, जिसके बाद संस्थान ने चार महीने तक उनका वेतन रोक दिया और दैनिक उपस्थिति भी बंद कर दी। बाद में आईसेक्ट भोपाल की एचआर अधिकारी सोनाली शुक्ला ने उन्हें आश्वासन दिया कि 20 प्रतिशत वेतनवृद्धि और जुलाई 2023 से एरियर्स मिलेगा, जिस पर रितेश ने शिकायत वापस ले ली। इसी दौरान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने भी व्यक्तिगत रूप से उन्हें बुलाकर समस्या सुलझाने का वादा किया और एचआर प्रमुख अनुज रावत को जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन अंततः मात्र 9 प्रतिशत वेतनवृद्धि ही दी गई। रितेश मिश्रा ने पत्र में लिखा है कि उनके पिता अप्रैल 2024 से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, जिनका सारा खर्च वही उठा रहे हैं। दो साल से वेतनवृद्धि के लिए भटकने और आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या हल न होने के चलते वह गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने कुलसचिव को यह भी लिखा कि यह उनका अंतिम निवेदन है, इसके बाद वे किसी प्रकार की उम्मीद नहीं रखेंगे। रितेश ने अपना आवेदन महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, जिलाधीश, मानवाधिकार आयोग, विनिमायक आयोग, उच्च शिक्षा विभाग और श्रम विभाग को भी भेजा है। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। प्रशिक्षक ने अपने हक की मांग करते हुए जुलाई 2023 से 20 प्रतिशत वेतनवृद्धि और एरियर्स राशि तत्काल जारी करने की अपील की है, ताकि उन्हें मानसिक और आर्थिक पीड़ा से राहत मिल सके।
