मस्तूरी विधायक ने पद यात्रा के माध्यम से हितग्राहियों के पक्ष में जुटाए जनसमर्थन, यात्रा के तीसरे दिन भी जुटी भीड़

मस्तुरी:- (प्रांशु क्षत्रिय) मोर आवास मोर अधिकार आंदोलन के तहत उपनेता प्रतिपक्ष व मस्तूरी विधायक डॉ.कृष्णामूर्ति बांधी ने पद यात्रा के माध्यम से हितग्राहियों के पक्ष में जनसमर्थन जुटाया। डॉ. बाँधी ने प्रदेश सरकार पर केंद्र सरकार की योजना से गरीबों को वंचित रखने का आरोप लगाया। भाजपा की लोहर्षी मंडल हितग्राहियों के हक के लिए मस्तूरी विधायक ने तीसरे दिन मस्तूरी विधनसभा के लोहर्षी मंडल के ग्राम सोनसरी से पद यात्रा का शुभआरंभ किया और मोर आवास मोर अधिकार को लेकर फिर एक बार भुपेश सरकार को जमकर कोसा।

बता दें कि ये पद यात्रा सोमवार को ग्राम ओखर से प्रारंभ हुई थीं जो 4 दिनों तक चलेगी। जिसमें मस्तूरी विधायक अपने विधानसभा की जनता एवं समर्थकों के साथ लगभग 70 किलोमीटर की पदयात्रा करने वाले है। आज पद यात्रा के शुभारंभ के दौरान मस्तूरी विधायक ने राज्य सरकार पर जमकर खरी खोटी सुनाई और केन्द्र सरकार द्धारा हितग्राहीयो के लिए जारी अतिरिक्त 5 किलो अनाज न देने सहित प्रधानमन्त्री आवास योजना के लाभ से आम जानता को वंचित करने का आरोप लगाया, उन्होनेें आगे कहा कि धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के भोले-भाले किसानो को भूपेश सरकार ने धोखा दिया है। यहां के बेरोजगारो के साथ भी विश्वासघात किया है। प्रदेश की महिलाओ के सम्मान की रक्षा करने में भी सरकार असफल रही है। कांग्रेस ने बेरोजगारो को नौकरी देने और महिलाओ को शराबंदी का वादा किया था परंतु आज तक कुछ भी नही किया। आज प्रदेशभर के किसान धान खरीदी में आ रही समस्या से परेशान है। जिन किसानों, मजदूरों, महिलाओ और युवाओं के बदौलत कांग्रेस सत्ता में आई, उनके साथ मिलकर ही 2023 में लबरी भूपेश सरकार को सत्ता से बेदखल करेंगे। आज के पदयात्रा में सोनसरी, सोन, बसंतपूर, मुकुंदपुर, उदईबंद, अमलडीह, कुकुर्दीकला, कुकुर्दीखुर्द, परसोडी, गोपालपुर में यात्रा का सपापन हुआ। इस दौरान सन्तोष मिश्रा, विजय अंचल, द्वारिका टंडन, हरनारायण तिवारी, रामनिवास साहू, नरेंद्र नायक, मिस्टर इंडिया भार्गव, हरगोविंद माहेश्वरी, अंकित मिश्रा, खिलावन पटेल, पिंटू साहू, अलगू पटेल, सरोज कैवर्ट, राजकुमार श्रीवास, हेमलाल जगत, दशरत पटेल, बाबूराम पटेल, बिहारी पैकरा, अजीत साहू, रामलाल कैवर्ट, जागेश्वर पटेल, रामू लाल, सीमा साहू, चंद्रप्रकाश दिनकर, घनश्याम भार्गव, महादेव खूंटे, सत्यवती अवध्या, याद बाई यादव शामिल हुए।
