बिलासपुर डीईओ के औचक निरीक्षण में स्कूल की बड़ी लापरवाही हुई उजागर; 200 में से सिर्फ 12 बच्चे स्कूल पहुंचे..प्राचार्य ने कर दी छुट्टी..डीईओ ने मारा छापा, 9 शिक्षकों को नोटिस, जमकर मिली फटकार!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शिक्षा व्यवस्था को लेकर भले ही शासन लाख दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। कोटा विकासखंड के ग्राम खोंगसरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को भारी अव्यवस्था देखने को मिली। यहां दो सौ छात्र पंजीकृत हैं, लेकिन सुबह विद्यालय में सिर्फ एक दर्जन छात्र ही पहुंचे। हैरानी की बात यह रही कि मौजूद छात्रों को पढ़ाने के बजाय स्कूल प्राचार्य ने उन्हें छुट्टी दे दी और घर भेज दिया। इसी दौरान जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल तिवारी अचानक निरीक्षण पर विद्यालय पहुंच गए। जैसे ही उन्होंने स्कूल की हालत देखी, तो वहां की दुर्व्यवस्था का खुलासा हो गया। बच्चों की उपस्थिति बेहद कम थी और पढ़ाई का कोई माहौल नहीं था। निरीक्षण में सामने आया कि प्रभारी प्राचार्य श्री लहरें ने बिना किसी आवेदन पत्र के अनुपस्थित चार शिक्षकों का सीएल (नियत अवकाश) उपस्थिति पंजी में चढ़ा दिया था। जब डीईओ ने इनसे आवेदन पत्र मांगा, तो सभी बगलें झांकते नजर आए। स्कूल में समय सारणी तक जारी नहीं की गई थी। न ही किसी विषय का पाठ्यक्रम पंजी तैयार किया गया था। शिक्षक डायरी भी संधारित नहीं पाई गई। बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों में लेक्चरर एम. मीणा, सविता गांगुली, व्यायाम शिक्षिका डॉ. किरण सरावगी और एक अन्य कर्मचारी डी.के. चतुर्वेदी शामिल हैं। इसके अलावा कुछ शिक्षक स्कूल में उपस्थित तो थे, लेकिन वे शिक्षण कार्य में संलग्न होने के बजाय आपस में बातचीत में लगे हुए थे। इन सभी गड़बड़ियों को गंभीर अनुशासनहीनता और कर्तव्यहीनता मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रभारी प्राचार्य सहित कुल 9 शिक्षक और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
