VIDEO: बिलासपुर! हाल ए आवास मित्र; छह महीने से खाली जेब, अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान..प्रधानमंत्री योजना की तस्वीरें बनाने वाले अब खुद बदहाल..मजदूरी नहीं सिर्फ मिली डांट, बिना वेतन के ड्यूटी में तैनात है 401 योद्धा, खबर पढ़कर जानिए इनका हाल!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जमीनी हकीकत को शब्दों में नहीं, तस्वीरों में ढालने वाले आवास मित्र आज खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कार्यरत 401 आवास मित्र पिछले छह माह से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक बदहाली का शिकार हो चुके हैं। सोमवार को उन्होंने एकजुटता दिखाई और बिलासपुर कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपते हुए अपना दर्द बयां किया। इन मित्रों का आरोप है कि बिना वेतन के उनसे लगातार काम लिया जा रहा हैं..नींव से छत तक की निगरानी, फोटो अपलोडिंग, पोर्टल अपडेट, हितग्राहियों से संपर्क और लक्ष्य पूर्ति का दबाव…हर जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें अब तक मानदेय नहीं मिला। आवास मित्रों ने बताया कि नियम के अनुसार एक आवास पूर्ण होने पर 1000 रुपए का भुगतान होना चाहिए, लेकिन उन्हें पिछले छह महीनों से एक भी रुपया नहीं मिला। कई मित्रों ने तो घर चलाने के लिए उधारी और कर्ज का सहारा लिया है। हालात इतने खराब हैं कि अब मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है। एक मित्र ने कहा कि हमसे रोज़ काम करवाओ, लेकिन भुगतान का नाम लो तो नोटिस थमा दो! ये कौन सा न्याय है? मित्रों ने यह भी खुलासा किया कि जनपद स्तर पर नए आवास मित्रों की भर्ती की चर्चा चल रही है, जिससे पहले से कार्यरत मित्रों में नौकरी जाने का डर बैठ गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन न केवल वेतन देने में चुप है, बल्कि उल्टे कार्य न करने का बहाना बनाकर नोटिस थमा रहा है, जिससे उनका मनोबल टूट रहा है।
हम हैं योजना की रीढ़, तो फिर क्यों हो रही उपेक्षा…?
ज्ञापन सौंपते समय सभी मित्रों की एक ही मांग थी कि लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान किया जाए, काम का अनावश्यक दबाव कम किया जाए और उनके रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अगर यही हाल रहा तो जल्द ही कई मित्र काम छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे, जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन भी प्रभावित होगा। अब जिला प्रशासन पर है जिम्मेदारी कि वह योजना के सच्चे सिपाहियों की सुध ले, वरना ये मित्र मौन नहीं रहेंगे…आंदोलन की राह भी दूर नहीं।
