ChhattisgarhRaftaar News Cg

खुद को मुख्यमंत्री साय का करीबी बताकर नेता जी ने पटवारी को दे डाली मारने की धमकी…शिकायत के बाद भी नहीं हुई कोई कार्यवाहीं..पुलिस की चुप्पी पर उठे कई सवाल..खबर पढ़कर समझिए पूरा मामला!

लोरमी: (प्रांशु क्षत्रिय) मुंगेली जिले के तहसील कार्यालय लोरमी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब तहसील न्यायालय के खुले परिसर में एक तथाकथित मानस प्रवक्ता ने शासकीय कर्मचारी पटवारी को न सिर्फ अपशब्द कहे, बल्कि मारना था तुझे जैसी धमकी भी दे डाली। मामला झझपूरीकला निवासी पदारथ लाल साहू से जुड़ा है, जिसके खिलाफ पटवारी विनय कुमार कश्यप ने थाना लोरमी में शिकायत दी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिकायत दर्ज हुए पांच दिन बीत चुके हैं, फिर भी पुलिस कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा है। पटवारी विनय कश्यप से प्राप्त जानकारी के अनुसार विनय कश्यप का तबादला पहले झझपूरीकला हल्के में हुआ था। वहां आबादी स्थल को लेकर स्थानीय दो पक्षों में विवाद चल रहा था। तहसीलदार के आदेश पर पटवारी ने मौके का निरीक्षण कर निष्पक्ष प्रतिवेदन सौंपा, जो दोनों पक्षों की मांगों के विपरीत था। यहीं से नाराजगी की शुरुआत हुई। पदारथ लाल साहू जो खुद को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का परिचित बताता हैं उसने पटवारी पर दबाव बनाकर पक्षपाती रिपोर्ट बनवाने की कोशिश की। जब यह मंशा पूरी नहीं हुई, तो पदारथ साहू ने पटवारी को दंतेवाड़ा, बस्तर ट्रांसफर कराने की धमकी भी दी। पटवारी विनय कश्यप का आरोप है कि 09 जून 2025 को जब वह तहसील न्यायालय में थे तब पदारथ लाल साहू ने सार्वजनिक रूप से उन्हें अपशब्द कहा और धमकी दी कि मारना था तुझे..यह सब SDM की उपस्थिति में हुआ। पटवारी का कहना है कि अब वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जो व्यक्ति न्यायालय जैसी जगह में एक शासकीय कर्मचारी को गाली दे सकता है, वह पीठ पीछे क्या करेगा, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल हैं।

प्रशासन मौन, पुलिस निष्क्रिय…?

पटवारी विनय कश्यप ने 5 दिन पहले थाना प्रभारी लोरमी को विधिवत शिकायत पत्र सौंपा, लेकिन अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है। उनका कहना है कि भाजपा शासन का रौब दिखाकर कुछ लोग खुद को नेता समझने लगे हैं और शासकीय कामकाज में खुलकर बाधा डाल रहे हैं। पटवारी ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि यदि पुलिस इस मामले में जल्द कानूनी कार्यवाही नहीं करती तो वे उच्च प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर मामला उठाएंगे। सवाल उठता है कि..क्या अब शासकीय कर्मचारी अपने कर्तव्य निर्वहन में सुरक्षित नहीं? क्या न्यायालय परिसर में भी गाली और धमकी जैसे कृत्य अब सामान्य हो गए हैं? और सबसे बड़ा सवाल..पुलिस किस दबाव में है जो 5 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं कर पाई? अब देखना है कि प्रशासन इस मामले में कब जागता है और शासकीय कर्मियों की गरिमा की रक्षा के लिए क्या कदम उठाता है।

YOUTUBE RAFTAAR NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Latest
रायपुर से लगे मंदिर हसौद का मामला; महानदी किनारे रेत में दफन मिला शव, पानी के विवाद में युवक की हत्य... प्रेम प्रसंग से परेशान युवक ने फांसी लगाकर दी जान: गर्लफ्रेंड की दूसरी जगह शादी होने से था आहत, मौके... बिलासपुर; तेज रफ्तार बस ने ली जान: एडिशनल एसपी संजय महादेवा के चाचा की सड़क हादसे में मौत...बाइक के ... नाश्ते के पैसों को लेकर विवाद; मितानिन की ब्लेड से गला रेतकर हत्या...बीच-बचाव में आए पिता और बेटे पर... रजही डैम में डूबने से प्रयास स्कूल के छात्र की मौत...दोस्तों के साथ नहाने गया था, 7 घंटे बाद मिला शव... जंगल में मिली 17 वर्षीय युवक की लाश; शरीर पर मिले चोट के निशान, डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस जांच तेज... बिलासपुर में खाकी दागदार; घूस लेते वीडियो वायरल होने के बाद सरकंडा थाने का प्रधान आरक्षक सस्पेंड! सीपत; नाबालिग से शादी कर किया दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार..पुलिस ने भेजा जेल! सीपत में धर्मांतरण के आरोप में तीन गिरफ्तार..चंगाई सभा में 'प्रलोभन' देकर धर्म परिवर्तन का खेल उजागर... Rफ्तार न्यूज की खबर का ताबड़तोड़ असर; कोनी थाने में कबाड़ माफिया की खातिरदारी करने वाले पुलिसकर्मियो...