बिलासपुर; जिले के इस पंचायत में 5.63 लाख रुपये का घोटाला, सचिव ने पूर्व सरपंच पर लगाए गंभीर आरोप!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) तखतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवरा में 15वें वित्त आयोग की राशि 563700 रुपये के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत सचिव निहाली पटेल ने इस घोटाले के लिए पूर्व सरपंच विकास यादव को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर फर्जी भुगतान कराने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा 3 अप्रैल 2025 को सचिव निहाली पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उन्हें तीन दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया था। हालांकि दो महीने बीतने के बावजूद सचिव द्वारा कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया है। नोटिस में सचिव पर यह आरोप है कि उन्होंने कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी 15वें वित्त आयोग की राशि एक फर्जी फर्म को जारी की, जो छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 का उल्लंघन है। पत्रकारों से बातचीत में सचिव निहाली पटेल ने कहा कि उन्हें इस घोटाले में फंसाया जा रहा है। उनका दावा है कि पूर्व सरपंच विकास यादव ने जनपद कार्यालय के अधिकारियों का दबाव बनाकर उनसे जबरन राशि का आहरण करवाया। उनके अनुसार पूरी राशि फर्जी बिल-वाउचर के माध्यम से एक व्यापारी को दिलाई गई और पंचायत में कोई कार्य नहीं किया गया। सचिव ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस धनराशि से एक रुपया भी नहीं मिला और यह पूरी तरह से घोटाला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व सरपंच और उनके पिता पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिससे डर के चलते वे अब तक चुप रहे। सचिव निहाली पटेल ने इस संबंध में एक वीडियो बयान भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। जय हिंद। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है। पंचायत स्तर पर इस तरह के आर्थिक अनियमितताओं ने ग्रामीण विकास योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


















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