VIDEO! बिलासपुर; पानी के लिए हाहाकार, सचिव हड़ताल पर… प्रशासन तिहार में मस्त! गांव प्यासा, प्रशासन सुशासन में डूबा..पंचायती व्यवस्था ठप– कौन सुने गांव की पुकार?

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) गर्मी क्या आई, गांवों की किस्मत और भी तपने लगी। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों गांव आजकल एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। गांवों में हैंडपंप सूखे, बोरिंग जाम और नल के कनेक्शन बस नाम के रह गए। और ऊपर से सचिवों की हड़ताल ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी है। बेलतरा के सेमरा, भरारी, परसदा, सिंघरी, पौसरा, बैमा, नगोई, डगनिया, खैरा, पेंडरवा, बांका, कोरबी और सीस जैसे गांवों में हालात बेहद खराब हैं। मोटर पंप और बोर सूख गए हैं, नल में पानी नहीं। ग्रामीण खुद पैसे जोड़कर कहीं से टैंकर बुलवा रहे हैं, कहीं पाइप जोड़कर दूर-दराज से पानी खींच रहे हैं। ये जुगाड़ भी अब जवाब देने लगे हैं। करीब दो हफ्ते से पंचायत सचिव हड़ताल पर हैं। न कोई आवेदन लिया जा रहा, न समस्या सुनी जा रही। गांव में किसी को नहीं पता कि कब पानी मिलेगा। प्रशासन है कि सुशासन तिहार मनाने में मस्त है।
कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने खोली प्रशासन की पोल……..
कांग्रेस नेता एवं जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष अंकित गौरहा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है– अगर प्रशासन ने तुरंत पेयजल संकट की ओर ध्यान नहीं दिया, तो होगा अधिकारियों का घेराव। उन्होंने कहा कि सचिवों की मांगें जायज़ हैं और भाजपा सरकार ने इन्हें लेकर झूठा वादा किया था। सरकार ने वादा किया था कि सचिवों को शासकीय कर्मचारी बनाया जाएगा, लेकिन सिर्फ घोषणा करके भूल गई। गौरहा ने कहा कि भाजपा की मोदी गारंटी अब गांवों में खोखली साबित हो रही है। मूलभूत सुविधाएं देने का दावा करने वाली सरकार आज पानी जैसी बुनियादी ज़रूरत को भी पूरा नहीं कर पा रही। गांवों की प्यास, जनता की पीड़ा और नेताओं की चेतावनी… सब कुछ मिलकर एक बड़े जनआंदोलन की दस्तक दे रहे हैं। सवाल अब सिर्फ पानी का नहीं, पूरे पंचायती राज सिस्टम के ठप होने का है।
