बिलासपुर; रामनवमी पर धर्मांतरण का हंगामा! प्रार्थना सभा की आड़ में ‘चंगाई सभा’, पास्टर समेत 6 गिरफ्तार…हर रविवार चलता है धर्मांतरण का खेल! खबर पढ़कर जानिए पूरा मामला……..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) रामनवमी जैसे पवित्र पर्व पर बिलासपुर में धर्मांतरण की कोशिश को लेकर बवाल मच गया। सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई इलाके में प्रार्थना सभा के नाम पर चंगाई सभा आयोजित कर हिंदू समाज के लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। इस बात की भनक लगते ही हिंदू संगठनों ने मौके पर पहुंचकर जमकर हंगामा मचाया। बवाल बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और पास्टर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हिंदू संगठनों का आरोप है कि बहतराई स्थित अटल आवास समेत कई इलाकों में हर रविवार को प्रार्थना सभा के नाम पर भोले-भाले हिंदुओं को बुलाया जाता है। यहां उन्हें चंगाई, चमत्कार और प्रलोभन के जरिये ईसाई धर्म अपनाने को मजबूर किया जाता है। रामनवमी के दिन भी ऐसी ही एक सभा हो रही थी, जिसकी सूचना मिलते ही संगठन के कार्यकर्ता पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। सरकंडा थाना प्रभारी निलेश पांडेय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दीपा गोटेल के निवास से पास्टर दीपक सिंह सिदार, उसकी पत्नी पूजा सिदार, गुरुविंदर सिंह, शिवकुमार धीवर और मधु कुमार केंवट को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक इससे पहले 31 मार्च को भी यदुनंदन नगर में ऐसी ही सभा हुई थी। आरोपियों पर छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय अधिनियम समेत प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
हिंदू संगठन का आरोप– बिलासपुर को बनाया जा रहा धर्मांतरण का गढ़….!
राम सिंह ठाकुर सहित अन्य संगठन कार्यकर्ताओं का कहना है कि कोनी, सिविल लाइन, मस्तूरी और अब सरकंडा जैसे इलाकों में लगातार धर्मांतरण की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या इन प्रार्थना सभाओं के पीछे कोई संगठित साजिश चल रही है? आने वाले दिनों में इस पर बड़ा खुलासा हो सकता है।

