छत्तीसगढ़ को मिला रेल विकास का सुपर एक्सप्रेस गिफ्ट! 278 KM डबल लाइन को केंद्र की हरी झंडी…615 KM ट्रैक, 21 स्टेशन और 5 फ्लाईओवर, पढ़िए पूरी खबर……….

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। खरसिया से परमालकसा तक, नया रायपुर होते हुए 278 किलोमीटर लंबी डबल रेललाइन परियोजना को केंद्र ने हरी झंडी दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर जानकारी साझा की। सोमवार को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर ज़ोन में हुई एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना की घोषणा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश के सांसदगण और रेलवे जोन और मण्डल के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। इस दौरान महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने परियोजना की तकनीकी और रणनीतिक विशेषताएं साझा कीं। खरसिया से परमालकसा तक, नया रायपुर होते हुए 278 किलोमीटर की इस परियोजना की कुल लागत 18,741 करोड़ रुपये है और 615 किलोमीटर ट्रैक लंबाई में बनने वाली इस नई रेललाइन में होंगे 21 स्टेशन, 48 बड़े पुल, 349 छोटे पुल, 14 आरओबी, 184 आरयूबी और 5 रेल फ्लाईओवर। यह मार्ग कोलकाता और मुंबई के बीच माल और यात्री यातायात की मुख्य धमनियों में से एक है, जो अभी अत्यधिक भीड़ से जूझ रहा है। नई लाइन के बन जाने से मालगाड़ियाँ अब बिलासपुर और रायपुर को बायपास कर सकेंगी, जिससे हावड़ा-मुंबई कॉरिडोर पर तेजी से आवाजाही संभव हो पाएगी। यह क्षमता यात्रियों और मालवहन दोनों के लिए फायदेमंद होगी। इस रूट पर हर साल 21 से 38 मिलियन टन माल का परिवहन संभव होगा। साथ ही 8 मेल, एक्सप्रेस और सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें भी इस लाइन पर चलेंगी, जो यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुलभ सफर उपलब्ध कराएगी। इस परियोजना से रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, बलौदा बाजार, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिले सीधे लाभान्वित होंगे। यह परियोजना सिर्फ एक रेलवे लाइन नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए आर्थिक, पारिस्थितिक और अधोसंरचनात्मक विकास का एक मजबूत आधार है।

स्वच्छ, सुरक्षित और सतत भारत की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है।



















