स्कूल में पार्टी करने वाले बालोद BEO पर कार्रवाई, कलेक्टर ने प्राचार्य बनाकर गुंडरदेही भेजा..स्कूल में पार्टी और प्रताड़ना के थे गंभीर आरोप, शिक्षिकाओं ने दर्ज कराई थी शिकायत, ख़बर पढ़कर जानिए पूरा मामला……..

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) स्कूल में जाकर पार्टी करने और शिक्षकों को प्रताड़ित करने के आरोपों में घिरे बालोद के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) बसंत बाघ पर कलेक्टर की गाज गिरी है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने उन्हें बीईओ पद से हटाकर प्राचार्य बना दिया है और उनका तबादला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोंगीतराई, विकासखंड गुंडरदेही कर दिया गया है। इस बीच गुंडरदेही के बीईओ नवीन यादव को बालोद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह मामला बेलमांड स्कूल का है, जहां बीईओ बसंत बाघ द्वारा बार-बार स्कूल परिसर में पार्टी करने और महिला शिक्षकों को प्रताड़ित करने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर जिला कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए थे, जिसमें आरोप सही पाए गए। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलमांड की शिक्षिकाओं चंदारानी साहू, कमलेश्वरी सलामे, किरण कोशिमा, नीलम ठाकुर, उमा चंद्रवंशी और गीता कान्डे ने बसंत बाघ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि वह अक्सर स्कूल आते थे और प्राचार्य नरेश कुमार मंडावी द्वारा उन्हें विशेष रूप से जीव विज्ञान प्रायोगिक कक्ष उपलब्ध कराया जाता था। शिकायत में यह भी उल्लेख था कि स्कूल में पार्टी होती थी, उपहार बांटे जाते थे और महिला कर्मचारियों को परेशान किया जाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की। जांच रिपोर्ट में बसंत बाघ प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। इसके बाद कलेक्टर ने आदेश जारी कर उन्हें बीईओ पद से हटाकर प्राचार्य पद पर नियुक्त कर दिया। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि बसंत बाघ पर और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। शिक्षकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था को अनुशासित बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाने की मांग की हैं. जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


















